गोहर (मंडी)। मरने के बाद भी वृद्धों के जाली हस्ताक्षर कर वृद्धावस्था पेंशन के पैसे डकारने वाले ग्रामीण डाक सेवक को उपमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी गोहर अशोक कुमार वत्सल की अदालत ने दोषी करार दिया है।
दोषी पर लोगों के आरडी के पैसे हड़पने के आरोप भी साबित हुए हैं। पक्ष और विपक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने बालीचौकी तहसील के अंतर्गत धभेहड़ डाकघर के ग्रामीण डाक सेवक प्रेम सिंह को दो साल का कठोर कारावास और दस हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार अभियुक्त ने दो बुजुर्ग व्यक्तियों खेकराम और झाबे राम की मौत के बाद भी उनकी पेंशन डाक सेवक जाली अंगूठे लगाकर निकालकर जेब भरता रहा। इसके लिए उसने गवाहों के जाली हस्ताक्षर भी किए। अभियुक्त ने मृतक खेकराम की वृद्धावस्था पेंशन के सात मनीऑर्डर और झाबे राम के चार मनीऑर्डर निकाले। इसी तरह अभियुक्त ने स्थानीय निवासी सावित्री देवी नामक महिला की 50747 की मेच्योर आरडी के फर्जी हस्ताक्षर कर विदड्रोल फार्म भरकर सारे पैसे हड़प लिए। इन मनीऑर्डर पर लगे अंगूठों के निशान और हस्ताक्षर के नमूनों को फोरेंसिक लैब जुन्गा भेजा गया जहां फिंगर प्रिंट और दस्तावेज विशेषज्ञ ने उक्त अंगूठों के निशान और फर्जी हस्ताक्षर पाए गए। अभियोजन पक्ष ने 21 गवाहों के बयान कलमबद्ध करवाकर मामले को अदालत में सिद्ध कर दिया।
यह है मामला
सहायक जिला न्यायवादी विनय वर्मा ने बताया कि औट थाना में वर्ष 2012 में डाक सेवा कुल्लू के आईपीओ अधिकारी ने प्रेम सिंह के खिलाफ दो मृत वृद्धों की पेंशन फर्जी तरीके से निकालने की शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस ने आईपीओ अधिकारी की शिकायत पर भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 420, 467, 468 व 471 के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस जांच में वृद्धों की पेंशन के अलावा सावित्री देवी की 50747 रुपये की आरडी के पैसों का गबन भी किया था। बालीचौकी के धभेहड़ डाकघर में 100 रुपये प्रतिमाह की आरडी खोली थी जोकि मेच्योर हो चुकी थी। जब वह अपनी आरडी के पैसे लेने डाकघर गई तो खाते में पैसे न पाकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।