मंडी। बस स्टैंड मंडी में वीरवार को बम की अफवाह से शहर में पूरा दिन अफरा-तफरी मची रही। लोग फोन पर एक दूसरे से हालात की जानकारी लेने में लगे रहे। बम होने की सूचना आग की तरफ फैल गई। सोशल मीडिया में मैसेज वायरल होने लगे। इसी बीच बाहर रह रहे रिश्तेदारों तक के हालात जानने के लिए फोन घनघनाते रहे। बस स्टैंड और आसपास माहौल पूरी तरह तनाव भरा रहा। लेकिन, प्रशासन और पुलिस की आपातकालील व्यवस्था से निपटने की तैयारी हाशिये पर नजर आई। बम की अफवाह के बावजूद पूरा क्षेत्र सही ढंग से खाली नहीं करवाया गया। पार्किंग फ्लोर पर गाड़ियां लगी रहीं। यहां तक कि आसपास की दुकानें भी खुली रहीं। भारी रश के बीच अगर कोई हादसा होता तो स्थिति बिगड़ सकती थी। उधर उपकरणों की कमी दिखी। करीब दो घंटों के बाद आधुनिक उपकरण पहुंचे। इस बीच चंद पुलिस वाले ही सर्च आपरेशन को अंजाम देते नजर आए। वहीं यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए कोई बेहतर कदम नहीं उठाए गए। लोकल और लांग रूट की बसों को पकड़ने में यात्रियों को काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा। लोगों को किस तरह हुई दिक्कतें पेश है लाइव रिपोर्ट....
कब क्या हुआ
वीरवार सुबह 10:40 का समय है। बस स्टैंड में सब कुछ सामान्य है। अक्सर सुबह दस साढ़े दस बजे तक बस स्टैंड में काफी भीड़ रहती है। कालेज, स्कूल और कार्यालय जाने वालों का पहुंचना लगा रहता है। उसके बाद रश थोड़ा सा छंट जाता है। अचानक अग्निशमन विभाग की गाड़ी सायरन बजाते हुए बस स्टैंड के भीतर दाखिल होती है। सिविल ड्रेस में लोग पहुंचकर अचानक बस स्टैंड को खाली करवाने लगते हैं। बस स्टैंड के बाहर बसों की लंबी कतारें हैं। बम की सूचना अचानक फैलती है और अफरातफरी मचती है। लोग इधर-उधर दौड़ने लगते हैं। कारोबारी बिना शटर डाउन किए हुए बाहर निकल जाते हैं। तो कैंटीन में राजीव थाली खाने वाले आधा खाना छोड़कर सुरक्षित जगह निकल जाते हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सर्च आपरेशन शुरू कर दिया। उन्होंने एक के बाद एक बस को निकालना शुरू कर दिया। इसके बाद उन्होंने नियमित रूप से सर्च ऑपरेशन जारी रखा। वहीं 11:04 बजे डॉग स्क्वायड पहुंचा और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। इस दौरान उसने बस स्टैंड में रखे डस्टबिन, टायलेट, दुकानों के स्टोर और कैंटीन को खंगाला। पुलिस हर किसी के बैग को शक के आधार पर चेक करती रही। इसी दौरान बस स्टैंड के साथ लगती दुकान में किसी व्यक्ति के बैग को देखकर दुकानदार ने तुरंत पुलिस विभाग को सूचित किया। चेक करने पर पाया कि किसी फौजी का बैग था जिसमें उसकी ड्रेस थी। इसके अतिरिक्त लोग साथ लगते होटलों में खाना खा रहे थे परंतु बम की सूचना मिलते ही खाना छोड़ निकल पड़े।
कौन सी बस कहां पकड़नी है, नहीं चल रहा था पता
कौन सी बस कहां पकड़नी है, इसे लेकर यात्रियों में असमंजस की स्थिति रही। लांग रूट की बस कहां से मिलनी है और लोकल रूट की बस कहां मिलनी है। इसे लेकर यात्री दिनभर परेशान रहे। साढ़े पांच घंटे के बाद बस स्टैंड के अंदर से आवाजाही शुरू हो सकी। इस दौरान मनाली एनएच पर भारी रश जमा हो गया। भीड़ के कारण जाम दिन भर लोगों के लिए परेशानी का सबब बना रहा।
पार्किंग खाली करना भूल गया विभाग
बम की अफवाह के चलते विभाग ने बस स्टैंड तो खाली करवा दिया लेकिन विभाग बस स्टैंड के ऊपर बनी पार्किंग को खाली करना भूल गया। बस स्टैंड के ऊपर बनी पार्किंग वाहनों से भरी पड़ी थी। यदि कोई हादसा होता तो पेट्रोल और डीजल के यह वाहन हादसे को अधिक भयावह बना सकते थे। इस पार्किंग में 30 के करीब गाड़ियां पार्किंग में लगी हुई थी। हालांकि बाद में डाग स्क्वायड ने वहां पूरी तलाशी ली।