नेरचौक (मंडी)। लाल सोना के नाम से प्रसिद्ध बल्ह घाटी का टमाटर प्रति क्रेट वीरवार को 1100 रुपये में बिका। 22 से 25 किलो टमाटर वाला क्रेट इन दिनों हाथोंहाथ बिक रहा है। इसी के चलते इन दिनों तुड़ान भी तेजी से हो रहा है। मंडियों में बल्ह के टमाटर की दस्तक के साथ स्थानीय किसान अब बाहरी राज्यों के व्यापारियों का इंतजार कर रहे हैं ताकि और उम्दा दाम मिल सके।
बल्ह से रोजाना 300 से 400 मालवाहक वाहन टमाटर के क्रेट लेकर रवाना हो रहे हैं। बल्ह घाटी के बल्ह, नाचन, राजगढ़, नलसर, ढाबन, कंसा, स्याह, कुम्मी, भयुरा, सिहन, डडौर, स्योहली, भौर, गागल, भड़याल, नेरचौक, ढांगू, नागचला आदि क्षेत्रों में लगभग 1500 हेक्टेयर में टमाटर का उत्पादन किया जाता है। यह फसल दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा राज्यों में भी बेची जा रही है। बल्ह घाटी का लाल सोना यानी टमाटर जून और जुलाई के महीने में पूरी तरह से बाजार में आता है। वर्ष 2023 में पांच से सात हजार रुपये तक टमाटर का एक क्रेट बिका था जबकि 2024 में अधिकतम दाम पांच हजार रुपये तक रहे हैं।
नागचला के चुन्नीलाल, केहड़ के संजू वर्मा, केहड़ के रिंकू कोहली, सटोह के संतराम, सटोह के राजकुमार, खांदला के डिंपल सैनी, राजगढ़ के रिंकू शर्मा कुम्मी के जोगी, भंगरोटू के धनदेव ठाकुर, नेरचौक से राकेश ठाकुर ने बताया कि टमाटर फसल के लिए लोगों से जमीन ठेके पर ले रखी है। 30 से 40 बीघा में टमाटर की खेती की है। इन्हें आशा है कि टमाटर पैदावार का उन्हें सही दाम मिलेगा तो सभी करोड़ों में कमाई करेंगे।
प्रचंड गर्मी का किसानों को सता रहा डर
प्रचंड गर्मी का किसानों को डर सता रहा है। रोजाना टमाटर को पानी देना पड़ता है। जहां कहीं भी पानी का अभाव है, वहां टमाटर की खेती पर संकट पैदा हो गया है। कृषि विशेषज्ञ चौधरी राम ने बताया कि इस वर्ष 1500 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि में टमाटर की फसल है। किसान ऑर्गेनिक खेती की तरफ अधिक ध्यान दें। आवश्यकता अनुसार ही छिड़काव करें। अधिक दवाइयाें का छिड़काव भूमि के लिए नुकसानदायक है। गर्मी ज्यादा होने के चलते किसानों को टमाटर की फसल का विशेष ध्यान रखना होगा। फसल को लगातार पानी देते रहें।