बालीचौकी में असुरक्षित हुए घर से सामान निकालते हुए लोग। संवाद
बालीचौकी (मंडी)। बरसात का कहर बालीचौकी क्षेत्र में लगातार बढ़ता जा रहा है। बालीचौकी बाजार में शारश गांव के मार्ग पर दरारें आने से अब तक छह भवन खतरे की जद में आ गए हैं। वीरवार को प्रशासनिक टीम ने निरीक्षण के दौरान तीन और भवनों में नई दरारें पाईं। इन भवनों में कुल 17 दुकानें थीं, जबकि दो भवन मालिक अपने परिवारों सहित वहीं रह रहे थे।
खतरे को देखते हुए प्रशासन ने सभी दुकानों और मकानों को तुरंत खाली करवा दिया। इससे पहले बालीचौकी बाजार के जीरो प्वांइट चौक में अचानक तीन भवनों में दरारें आई थीं। ये भवन वीर सिंह, बलीराम और मोहर सिंह के हैं, जिनमें 16 दुकानें और 16 किरायेदार रहते थे। मोहर सिंह स्वयं भी परिवार सहित अपने मकान में रहते थे। कुल मिलाकर छह भवनों से 33 दुकानें, 16 किरायेदार और तीन परिवार प्रभावित हुए हैं।
प्रशासन ने सभी को अंतरिम राहत राशि, राशन किट और तिरपाल प्रदान किए हैं। साथ ही नियमानुसार राहत प्रकरण भी तैयार किए जा रहे हैं। एसडीएम बालीचौकी देवीराम ने कहा कि असुरक्षित भवनों को खाली करवा दिया गया है और क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे खतरे वाले भवनों में न रुकें।
कई सालों का कारोबार, पलभर में उजड़ा
इन भवनों में सालों से चल रही दुकानें और कारोबार अचानक वीरान हो गए। परिवारों को अपना सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा। बारिश से लगातार बढ़ती दरारों ने बालीचौकी बाजार के लोगों में दहशत पैदा कर दी है। कई परिवारों की रोज़ी-रोटी इन दुकानों से जुड़ी थी, जिन्हें पलभर में छोड़ना पड़ा।