चैलचौक (मंडी)। बालीचौकी के पंजाई में एक निजी बस चालक के साथ कथित मारपीट करने और बचाव करने आए एक व्यक्ति को छुरा घोंपने का आरोप सिद्ध होने पर उपमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी गोहर अशोक कुमार की अदालत ने आरोपी को विभिन्न धाराओं में दो साल छह माह और 25 दिन की सजा तथा छह हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में आरोपी को एक माह 25 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
अतिरिक्त जिला न्यायवादी गोहर खूबराम शर्मा ने सजा की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि 24 जून 2011 को बालीचौकी से पंजाई के लिए एक निजी बस अनुज अंजलि जा रही थी। इस दौरान बस जब पंजाई पहुंची तो दो लड़के बाइक पर सवार होकर आए और बस चालक नरोत्तम राम से मारपीट करने लगे। बस में हुकम राम बैठा था, जो बस ड्राइवर के बचाव में आया तो दोनों हमलावरों में से एक युवक डोलम चंद ने छुरा निकाला और बस चालक का बचाव कर रहे हुकम के पेट और पीट में घोंप दिया। हुकम राम चाकू के हमले से लहूलुहान हो गया और गिर पड़ा। इसके बाद बस में बैठी अन्य सवारियों में अफरा तफरी मच गई।
हमलावर युवक मौके पर से फरार हो गए। इसके कुछ देर बाद वही हमलावर करीब छह अन्य साथियों के साथ आए और बस चालक नरोत्तम राम से दोबारा मारपीट करने लगे। इस पूरे घटनाक्रम का बस चालक नरोत्तम राम ने औट पुलिस थाना में मामला दर्ज करवाया। अभियोजन पक्ष की ओर से 15 गवाह पेश किए गए। इसमें दोष सिद्ध होने पर उपमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी गोहर अशोक कुमार ने आरोपी डोलम चंद निवासी काऊ को आईपीसी की धारा 341 में 15 दिन की सजा और 500 रुपये जुर्माना, 323 में छह माह की सजा और 500 रुपये जुर्माना तथा 324 में दो साल की सजा तथा पांच हजार जुर्माने की सजा सुनाई।
जुर्माना अदा न करने की सूरत में आरोपी को 341 और 323 में 10 दिन का अतिरिक्त कारावास तथा 324 में एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस पूरे मामले में पुलिस में मामला दर्ज होने के कुछ माह बाद दूसरे आरोपी प्रीतम सिंह की मौत हो चुकी थी। इस मामले में हमलावर अन्य आरोपियों के खिलाफ दोष सिद्ध नहीं हुआ है।