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Mandi News: कोर्ट ने जबरन बेदखल करने पर लगाई रोक

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मंडी। मंडी के सिविल जज कोर्ट नंबर-2 की अदालत ने फैसला सुनाते हुए नगर निगम मंडी को आदेश दिया है कि वह अस्पताल रोड स्थित एक दुकानदार को कानूनी प्रक्रिया अपनाए बिना जबरन बेदखल न करे। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दुकानदार उक्त स्थान पर वैध कब्जाधारी है और उसे बलपूर्वक हटाना गैर कानूनी होगा।
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वादी पंकज कुमार ने नगर निगम के खिलाफ स्थायी निषेधाज्ञा के लिए मुकदमा दायर किया था। पंकज ने अदालत को बताया कि उनके पिता दिवंगत नारायण दास को 1975 से पहले नगर परिषद की ओर से यह दुकान किराये पर दी गई थी।
पिता के निधन के बाद वह खुद वहां बैठे। साल 2018 में नगर निगम ने सड़क चौड़ीकरण और सकोढी नाले के तटीकरण का हवाला देते हुए दुकान खाली करने का नोटिस दिया। नगर निगम ने अदालत में दलील दी कि वादी वहां केवल तहबाजारी के आधार पर था और उसने बिना अनुमति के वहां खोखा बना लिया है। कोर्ट ने आदेश दिया कि प्रतिवादियों (नगर निगम) को आदेश दिया जाता है कि वे वादी को अस्पताल रोड स्थित 65 वर्ग फुट के खोखे से कानून की उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना जबरन बेदखल न करें।
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एक अन्य मामले में मंडी की एक स्थानीय अदालत ने नगर निगम मंडी को आदेश दिया है कि वह अस्पताल रोड पर स्थित एक दुकानदार को बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के बलपूर्वक बेदखल न करे। सिविल जज कोर्ट नंबर-2 की अदालत ने यह फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि दुकानदार उक्त स्थान पर कानूनी रूप से काबिज है। यह मामला अस्पताल रोड पर अन्नपूर्णा बेकरी के सामने स्थित एक खोखे से जुड़ा है। वादी हरीश कुमार ने नगर निगम के खिलाफ स्थायी निषेधाज्ञा के लिए मुकदमा दायर किया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि नगर निगम को वादी हरीश कुमार को अस्पताल रोड स्थित 97 वर्ग फुट के खोखे से जबरन हटाने, संरचना को गिराने या सामान जब्त करने से रोका जाता है। संवाद
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