नगर निगम की बैठक से चार मनोनीत पार्षदों का वाकआउट
विकास कार्य न होने से जताई नाराजगी
कहा-अनदेखी की सरकार से करेंगे शिकायत
बैठक में चाय-बिस्किट खिलाने के अलावा नहीं होता कुछ भी
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नगर निगम मंडी के सभागार में आयोजित साधारण बैठक में खूब हंगामा हुआ। विकास कार्य न होने से नाराज चार मनोनीत पार्षदों ने महापौर सहित अन्य अधिकारियों को खूब खरी-खोटी सुनाई। इस दौरान वहां पर माहौल गरमा गया। गुस्साए चारों पार्षदों ने हाथों में पकड़ी फाइलों को लहराते हुए बैठक से वाकआउट कर दिया। हंगामे भरी बैठक से चारों मनोनीत पार्षद बाहर निकल आए।
मनोनीत पार्षद नितिन भाटिया, दिनेश, दर्शन और यशकांत नगर निगम की बैठक में अन्य पार्षदों के साथ बैठे हुए थे। नगर निगम के सहायक अभियंता नरेश कुमार पर निशाना साधते हुए उन्होंने अपने-अपने वार्डों में कार्य न होने पर सवाल उठाए। सहायक अभियंता के जवाब से असंतुष्ट पार्षद फाइल को लेकर अपनी सीट से उठ गया और पीछे वाली लाइन में खड़े सहायक अभियंता के पास पहुंच गया। इस दौरान पार्षद ने अपने वार्ड के लंबित विकास कार्यों की सूची सहायक अभियंता को बताई।
पार्षदों का आरोप है कि बीते एक साल से बैठकों के एजेंडे में विकास कार्य शामिल किए थे, जिन पर कार्य नहीं हो रहा है। जिन छिटपुट कार्यों के टेंडर हुए हैं, ठेकेदार लोग कार्य तक शुरू नहीं कर पा रहे है। इससे उनको वार्ड के लोगों का सामना करना मुश्किल हो रहा है। नगर निगम की ओर से हर माह साधारण बैठक का आयोजन किया जाता है। सभी पार्षदों को बुलाकर उनसे एजेंडा भी मांगा जाता है। बैठक में चाय-बिस्कुट व दोपहर का भोजन करवाकर भेज दिया जाता है। यही नहीं, सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट्स जैसी सुविधाएं भी ठीक ढंग से उपलब्ध नहीं करवाई जा रही हैं। नेला जैसे वार्डों में आपदा के दौरान बहुत नुकसान हुआ है। वहां पर जो विकास कार्यों के टेंडर लगाए गए हैं, उनका अभी तक कार्य नहीं हुआ है। रैन बसेरा का निर्माण नगर निगम से तीन साल में पूरा नहीं हो पाया है। विकास कार्य न होने से आहत पार्षदों ने उनकी अनदेखी की शिकायत प्रदेश सरकार से करने की बात कही है।
नगर निगम की साधारण सभा की बैठक में कुछ मनोनीत पार्षदों ने विकास कार्य न होने की बात कही है। पार्षदों को उनके वार्डों में हो रहे कार्यों के बारे में अधिकारी जवाब दे रहे थे। हालांकि, अभी तक उनमें शामिल कुछ पार्षदों की अपनी बात रखने की बारी भी नहीं आई थी लेकिन इससे पहले ही चारों पार्षद बैठक से उठकर बाहर निकल गए।
-वीरेंद्र भट्ट शर्मा, महापौर, नगर निगम मंडी