मंडी। नगर निगम मंडी के अधिकारी रेहड़ी-फड़ी वालों से तहबाजारी वसूली में जुटे हुए हैं, लेकिन उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। यह आरोप रेहड़ी-फड़ी यूनियन के पदाधिकारियों ने लगाए हैं।
प्रधान सुरेंद्र कुमार और सचिव प्रवीण कुमार ने कहा कि पिछले साल सितंबर में लाइसेंस जारी किए गए थे, लेकिन कई पुराने रेहड़ी धारकों को अब तक लाइसेंस नहीं मिला है। निगम सालाना 30 लाख रुपये की तहबाजारी वसूल रहा है, लेकिन सुविधाएं देने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने कहा कि पदाधिकारियों ने बताया कि मौसम के मुताबिक रेहड़ी लगाने की अनुमति भी नहीं दी जा रही है।
गुजराती समुदाय के वेंडरों की समस्याएं भी दो साल से जस की तस हैं। उन्होंने बताया कि सकोड़ी पुल के पास रेहड़ी लगाने वालों को छतरियां लगाने से रोका जा रहा है, जिससे बारिश से बचने में मुश्किल हो रही है। उन्होंने नगर निगम को चेतावनी दी है कि अगर 31 अगस्त तक टाउन वेंडिंग कमेटी (टीवीसी) की बैठक नहीं बुलाई जाती, तो यूनियन 6 सितंबर को हड़ताल करेगी और निगम का घेराव करेगी।
फुटपाथ पर निगम की लापरवाही
सकोड़ी चौक समेत कई स्थानों पर नगर निगम द्वारा अनधिकृत रेहड़ियों को हटाए जाने के बाद फुटपाथ उखड़ गए हैं, जिससे लोगों को सड़क पर चलना पड़ रहा है। इससे ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है और शहर की सुंदरता पर भी असर पड़ा है। निगम के सह आयुक्त विकास शर्मा ने कहा कि सकोड़ी चौक में फुटपाथ ठीक कर दिया गया है।