संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। रिफाइंड खाद्य पदार्थों के बढ़ते चलन के कारण लोगों में दिल की बीमारियां कुछ वर्षों की तुलना बढ़ी हैं। हिमाचल प्रदेश जैसे राज्य में भी इसमें करीब 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
दिल की बीमारियों से बचाव के लिए लोगों को पुरानी घूमने-फिरने, पौष्टिक भोजन और शरीर को स्वस्थ रखने संबंधी आदतों को फिर से रोज की आदतों में शामिल करना होगा। सुंदरनगर में असहाय सेवा समिति द्वारा आयोजित दो दिवसीय हृदय रोग जांच शिविर में यह जानकारी आईजीएमसी शिमला के कार्डियोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजीव मरवाह ने दी। समिति के प्रधान सीएल गुप्ता और महासचिव केएस जम्वाल ने बताया कि दो दिवसीय शिविर में 300 मरीजों ने पंजीकरण करवा दिल की गंभीर बीमारियों की जांच करवाई। शिविर में ईको, ईसीजी और ब्लड शूगर के टेस्ट के अतिरिक्त दवाइयां भी नि:शुल्क वितरित की गईं। उन्होंने बताया कि शिविर में कार्डियोलॉजी विभाग के एमडी दलीप गर्ग, नेरचौक मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभाग के एमडी डॉ. अजय शर्मा, निशा कपूर व डायटिशियन डाॅ. करूपा आराध्या ने सेवाएं दीं। इस अवसर पर समिति के संस्थापक जनक राज सेन, वरिष्ठ सदस्य प्रेम लाल सैनी, नरेश बेदी, सरदार गोविंद सिंह, मस्तराम वर्मा, दर्शन कालिया, जेपी गुप्ता, नेक सिंह सेन, रूमा चौहान, वंदना शर्मा, अश्विनी सैनी, मीना शर्मा, दौलत राम, रजत सैनी, सोहनलाल गौतम, विशाल सेन व मुनीलाल चौहान भी मौजूद रहे।