मंडी। वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के विरोध में मंडी कांग्रेस में धरना-प्रदर्शन किया।
मंडी शहर में आयोजित विरोध रैली के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और ज्ञानेश कुमार के तुरंत इस्तीफे की मांग उठाई।
धरना-प्रदर्शन के दौरान सभी कार्यकर्ताओं ने काले बिल्ले लगाकर विरोध जताया। कार्यकर्ता बारिश में भी प्रदर्शन में डटे रहे।
प्रदर्शन के दौरान पूर्व सीपीएस एवं सुंदरनगर से पूर्व कांग्रेस विधायक सोहन लाल ठाकुर ने कहा कि पिछले 10 महीनों में एसआईआर के जो परिणाम आए हैं, उससे साफ है कि देश की जनता के साथ बड़ा धोखा हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के माध्यम से देशभर में करीब 13 करोड़ पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। आयोग के सहयोगियों की ओर से 10 महीनों में कई बार आपत्तियां दर्ज कराने के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह उन्हें संरक्षण दे रहे हैं, जो सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष चंपा ठाकुर ने कहा कि चुनाव आयोग की मौजूदा कार्यप्रणाली निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती है। कई बार आपत्तियां जताने के बाद भी जब कार्रवाई नहीं हुई तो अब सड़कों पर उतरने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।
नेताओं ने चेतावनी दी कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव है और किसी भी पात्र नागरिक को उसके मताधिकार से वंचित नहीं होने दिया जाएगा।
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन के माध्यम से राज्यपाल को भेजकर एसआईआर प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता की मांग की। जिलाध्यक्ष चंपा ठाकुर ने स्पष्ट किया कि जिला स्तर से शुरू हुआ यह आंदोलन अब ब्लॉक, बूथ और घर-घर तक ले जाया जाएगा।