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Mandi News: हथियारों के साथ लेकर चलने पर पूर्ण रोक, रिश्वतखोरी रोकने के लिए उड़नदस्ते गठित

Mon, 18 Mar 2024 07:56 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
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मंडी। जिला मंडी में लोकसभा चुनाव के मद्देनजर हथियार लेकर चलने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है। कोई भी व्यक्ति चार जून तक किसी भी तरह के घातक हथियार या विस्फोटक सामग्री लेकर आवाजाही नहीं कर सकेगा। उपायुक्त मंडी ने इस संबंध में धारा-144 के तहत आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही इसका उल्लंघन करने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात भी कही है।
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जिला निर्वाचन अधिकारी (उपायुक्त) मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि चुनाव घोषणा से लेकर चुनाव परिणाम तक किसी भी तरह के घातक हथियार या विस्फोटक सामग्री लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसका उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों के अनुसार सभी लाइसेंस धारकों को चुनाव प्रक्रिया के पूरा होने तक अपने हथियार संबंधित थानों में जमा करवाने होंगे।
कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा से संबंधित डयूटी पर तैनात पुलिस कर्मचारियों और होमगार्ड्स, बैंक एवं एटीएम गार्ड्स और एटीएम कैश वैन गार्ड्स आदि सुरक्षा कर्मचारियों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। इसके अतिरिक्त वह खिलाड़ी जो राष्ट्रीय राइफल एसोसिएशन के सदस्य हैं और उनके खेलों में भाग लेने पर इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे।
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वहीं, जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनाव में मतदाताओं को डराने और धमकाने में लिप्त लोगों, रिश्वत देने-लेने वालों के विरुद्ध मामले दर्ज कर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए उड़नदस्ते गठित कर दिए हैं। मतदाता किसी प्रकार की रिश्वत स्वीकार न करें और यदि कोई व्यक्ति किसी रिश्वत की पेशकश करता है या निर्वाचकों को डराने-धमकाने के मामलों की जानकारी है, तो इसकी जानकारी टोल फ्री नंबर 1950 पर दी जा सकती है।
उन्होंने कहा कि भारतीय दंड संहिता की धारा 171 ख के अनुसार, जो कोई व्यक्ति निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान किसी व्यक्ति को उसके निर्वाचक अधिकार का प्रयोग करने के लिए उत्प्रेरित करने के उद्देश्य से नकद या वस्तु रूप में कोई परितोषक देता है या लेता है तो उसे एक वर्ष तक के कारावास या जुर्माने अथवा दोनों ही दंड दिए जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त भारतीय दंड संहिता की धारा 171 ग के अनुसार जो व्यक्ति किसी अभ्यर्थी या निर्वाचक या किसी अन्य व्यक्ति को किसी प्रकार की चोट पहुंचाने की धमकी देता है। वह एक वर्ष के कारावास या जुर्माने या दोनों से दंडनीय होगा।
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