मंडी। यूजीसी के सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करवाने और शिक्षा की गुणवत्ता के लिए जिले के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्राध्यापकों ने शनिवार को सामूहिक भूख हड़ताल की।
जिला मंडी के 18 कॉलेजों के 500 से अधिक प्राध्यापकों ने मांगों को लेकर सुबह 10:00 बजे से लेकर शाम 5:00 बजे तक भूख हड़ताल की।
राजकीय कॉलेज टीचर एसोसिएशन के राज्य उपाध्यक्ष डॉ. ओपी ठाकुर ने कहा कि यूजीसी के सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करवाने के लिए प्रदेश के विवि और कॉलेजों के प्राध्यापक भूख हड़ताल पर हैं। वल्लभ कॉलेज मंडी के 35 प्राध्यापकों ने हड़ताल में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने सरकार से अपनी मांगों को जल्द से जल्द मानने का आग्रह किया।
चेताया कि यह आंदोलन उनकी मांगों के पूरी होने तक चलेगा।
जिला के वल्लभ कॉलेज मंडी के अलावा गाढ़ागुसैणी, थाची, लंबाथाच, करसोग, निहरी, बासा, पनारसा, पधर, बलद्वाड़ा, सरकाघाट, लडभड़ोल, रिवालसर, कोटली, जोगिंद्रनगर, बरोट, संधोल और धर्मपुर कॉलेजों मेें एक दिवसीय सामूहिक भूख हड़ताल की गई।
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ये हैं प्रमुख मांगें
मंडी इकाई के अध्यक्ष डॉ. जसवंत सिंह ठाकुर और महासचिव सहायक प्रो. अर्चना शुक्ला ने कहा कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को अविलंब लागू किया जाए। शिक्षा की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए महाविद्यालय में प्रोफेसर के पदों को सृजित किया जाए। कहा कि महाविद्यालय में प्राचार्यों के पदों के लिए विभागीय पदोन्नति समिति का गठन किया जाए। संवाद