मंडी। दुकानों के किराया पर कुंडली मारकर बैठे दुकानदारों से नगर निगम मंडी ने वसूली शुरू कर दी है। वीरवार को तिब्बती मार्केट में कई वर्षों से किराये का भुगतान न करने वाले दुकानदारों से करीब पांच लाख रुपये की रिकवरी की। दुकानदारों ने लंबित किराये को किस्तों में चुकाने की बात कही है। किराया चुकाने वाले दुकानदारों को मौके पर अनुबंध पत्र भी जारी कर दिए गए हैं।
निगम के अनुसार हर साल निगम को तिब्बत मार्केट से आठ लाख रुपये की आय होगी। वहीं, किराया वसूली की मुहिम में 10 लाख रुपये की रिकवरी की जाएगी। निगम के अनुसार शहर में अलग-अलग स्थानों पर कुछ दुकानदार लंबे समय से मासिक किराया जमा नहीं करवा रहे हैं। निगम की ओर से किराये की मौजूदा दरों में संशोधन करने के बाद बहुत से दुकानदार ने संशोधित किराया भी नहीं चुकाया था।
इस कारण संबंधित दुकानदारों के अनुबंधों का नवीनीकरण भी लटका हुआ है। निगम की मानें तो हाल ही में कुछ दुकानदारों से बातचीत के बाद सहमति बनी है और दुकानदार धीरे-धीरे तय समय में बकाया किराया जमा करवा रहें हैं। इसके बाद उन्हें अनुबंध जारी किए जा रहे हैं। पहले चरण में तिब्बती शरणार्थी मार्केट के अनुबंध जारी किए जा रहें हैं।
वीरवार को तिब्बत मार्केट में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नगर निगम के आयुक्त एचएस राणा, सह आयुक्त विकास शर्मा, पार्षद वीरेंद्र सिंह आर्य, सुदेश कुमारी, हरदीप सिंह, निर्मल वर्मा, कृृष्ण भानु, नीतिन भाटिया, संजय शर्मा और नगर निगम के कर्मचारी उपस्थित रहे।
संशोधित दरों के साथ जारी होंगे अनुबंध
नगर निगम स्कूल बाजार और सेरी मंच के दुकानदारों को भी संशोधित दरों के साथ अनुबंध पत्र जारी करेगा। यहां भी दुकानदारों से किराया वसूलने की मुहिम चलाई जाएगी। नगर निगम का मानना है कि आगामी दिसंबर माह तक ज्यादातर दुकानदारों से पुराना बकाया हर हालत में वसूला जाएगा। बता दें कि इंदिरा मार्केट, पुरानी मंडी समेत कई जगह दुकानदारों के पास किराये के करीब पौने 2 करोड़ रुपये लंबित हैं।
संशोधित किराया नहीं होगा कम : महापौर
नगर निगम के महापौर विरेंद्र भट्ट शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान दुकानदारों को लंबित व संशोधित किराया चुकाकर अपने बिजनेस को सुचारू रूप से चलाने को कहा गया। किराया चुकाने वाले दुकानदारों को अनुबंध पत्र भी जारी किए गए। उन्होंने कहा कि निगम की ओर से संशोधित दुकानों के किराये को कम नहीं किया जाएगा। बाकी दुकानदार भी बकाया जल्द जमा करें ताकि उनके अनुबंध भी जारी हो सकें।