बैहना (मंडी)। प्रस्तावित नगर निगम के विरोध में प्रभावित पंचायतों की गठित ग्रामीण संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि नगर निगम में शामिल करने की कवायद सरकार की मनमर्जी है। प्रभावित पंचायतों के लोगों से एनओसी नहीं लिया गया है। ग्रामीण संघर्ष समिति के प्रधान रवि चंदेल का कहना है कि कुछ लोग समझते हैं कि ग्रामीण लोगों को कुछ पता ही नहीं।
गांव के लोग पढ़े-लिखे और समझदार हैं। हर क्षेत्र का ज्ञान उन्हें है। नगर परिषद अध्यक्ष का कहना है कि नगर निगम में शामिल होने से विकास होगा। पक्की सड़कें, लाइट, ऊहल परियोजना का पानी मुहैया होगा, ऐसा कहकर वह जनता को गुमराह न करें। वक्त मिले तो गांवों में आएं तो पता चलेगा कि विकास क्या होता है। टैक्स की बात पर कहा कि नगर परिषद अध्यक्ष के पास वह कौन सी पावर है, जो दो साल तक टैक्स माफ करेंगी। नगर निगम में शामिल नहीं होंगे और इसका विरोध जारी रहेगा।
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