करसोग (मंडी)। बारिश और बर्फबारी होने के बाद भी करसोग क्षेत्र की तेबन पंचायत के शाला और खमारला गांवों में लोग पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं। लोगों को टैंकों में स्टोर बारिश का पानी उबाल कर पीना पड़ रहा है। सर्दियों में इस बार औसत से अधिक बारिश और बर्फबारी हुई है।
बावजूद शाला और खमारला गांवों में एक महीने से पानी की आपूर्ति नहीं हुई है। पूर्व में भी इन दोनों गांवों के लिए 70 दिनों बाद आईपीएच विभाग ने पानी की सप्लाई दी थी। शादी-विवाह या अन्य समारोहों में ग्रामीणों को पैसा खर्च कर पानी का टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। महिला मंडल शाला की प्रधान कृष्णा शर्मा, महादेव युवक मंडल शाला के प्रधान महेंद्र कुमार, सुशीला, नीतू, शीला शर्मा, कृष्णा शर्मा, संतोष, चमन लाल, मनोज कुमार, प्रताप चंद, ओम प्रकाश, राधा कृष्ण आदि का कहना है कि स्थानीय प्रशासन एवं विभागीय उच्चाधिकारियों से समस्या उठाई लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इससे ग्रामीणों में सरकार और विभाग के प्रति खासा रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि एक माह से उनके नलों में पानी की एक बूंद भी नहीं टपकी। ग्रामीणों को पैसे देकर गाड़ियों में पानी मंगवाना पड़ रहा है।
आईपीएच विभाग हर माह पानी का बिल वसूल रहा है तो फिर पानी क्यों नहीं दिया जा रहा। गुस्साए लोगों का कहना है कि यदि अब भी समस्या को स्थानीय प्रशासन एवं विभाग ने समाधान नहीं किया तो ग्रामीणों को सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करना होगा।
जल शक्ति विभाग करसोग के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार भूपल का कहना है कि लो वोल्टेज और पानी लिफ्ट के लिए लगाए पंप खराब होने से पिछले कुछ दिनों से समस्या आई पेश आ रही थी। अब पंप की रिपेयर करवा दी गई है। क्षेत्र में पानी की आपूर्ति निर्धारित समय पर की जा रही है। उपरोक्त गांवों में हैंडपंप भी लगाए हैं। लोगों को पेयजल किल्लत न झेलनी पड़े, इसके लिए विभाग ने बाईपास पेयजल लाइन भी बिछाई जा रही है।
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