मनरेगा खत्म करके बनाई नई योजना लागू करने के बारे में केंद्र से नहीं आए दिशा-निर्देश : भूपेंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी
सरकाघाट (मंडी)। सीटू से संबद्ध मजदूर यूनियनें अपनी लंबित मांगों को लेकर फिर आंदोलन की राह पर हैं। हाल ही में आंगनबाड़ी यूनियन के आह्वान पर हुई हड़ताल और शिमला सचिवालय के बाहर प्रदर्शन के बाद अब आंदोलन को और तेज करने की रणनीति बनाई जा रही है।
सीटू के राज्य उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने सरकाघाट में वीरवार को आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि सरकार ने एक ओर मनरेगा कानून को व्यावहारिक रूप से निष्प्रभावी कर दिया है, दूसरी ओर इसकी जगह लाई गई नई योजना को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट गाइडलाइन या दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। इसका सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ा है।
पिछले तीन महीनों से पंचायतों में जरूरतमंदों को कोई काम नहीं मिल रहा है। इस संकट के खिलाफ सीटू जुलाई माह से व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाएगी। 21 जून को बिलासपुर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की राज्य कमेटी की बैठक होगी, जिसमें विभागीय मंत्री के साथ हुए समझौते के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा 22 जून को शिमला में एक महारैली का आयोजन किया जाएगा। 15 और 22 जून को मंडी और शिमला में एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन अपनी मांगों को लेकर रणनीति तय करने के लिए बैठक करेगी। 29 जून को सरकाघाट में आउटसोर्स सफाई एवं सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट मजदूरों का अधिवेशन होगा। साथ ही सीटू 25, 26 और 27 जून को कुल्लू में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन करेगी।