सरकाघाट (मंडी)। बाल देखभाल संस्थान भरनाल में क्रिसमस का पर्व मनाया गया। संस्थान के बच्चों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। बच्चों ने जिंगल बेल्स जैसे गानों पर नृत्य किया और छोटे-छोटे नाटकों के माध्यम से ईसा मसीह के शांति और प्रेम के संदेश को साझा किया। बच्चों ने कहा कि हमारा धर्म मानवता है।
धर्मनिरपेक्षता का अर्थ केवल सहिष्णुता नहीं, बल्कि एक-दूसरे के धर्म का सम्मान करना है। भारत में अनेक प्रकार के धर्म और जातियां पाई जाती हैं। बच्चों में कभी भी धर्म और जाति के आधार पर भेदभाव करने की भावना नहीं होनी चाहिए। उन्हें बस प्रेम से सबका सम्मान करने की भावना होनी चाहिए। संस्थान के अधीक्षक ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य बच्चों के जीवन में खुशियां लाना है। संवाद