सरकाघाट (मंडी)। गलवान घाटी में चीन की भारतीय सैनिकों पर हमला करने की सुनियोजित साजिश पर क्षेत्र के पूर्व सैनिकों में रोष है। चीन की इस कायराना हरकत को पूर्व सैनिकों ने एक निंदनीय कृत्य बताकर केंद्र सरकार से मांग की है कि शहीद हुए जवानों की शहादत का बदला लिया जाए।
1971 के भारत पाक युद्ध में भाग लेने वाले एवं श्रीलंका शांति सेना ऑपरेशन में भाग लेने वाले ऑनरेरी कमीशन अफसर कल्याण एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष कै. जगदीश वर्मा ने कहा कि चीन एक शक्तिशाली देश है, लेकिन भारत भी अपनी संप्रभुता से समझौता नहीं कर सकता। चीन उकसा रहा है, लेकिन भारत सरकार इसकी इन हरकतों का जवाब बहुत ही सोच समझकर दे, ताकि हम इनकी उकसाने में आकर कोई गलती न कर दें। कहा कि जब दोनों सेनाओं के उच्चाधिकारियों की बातचीत हुई तो इसमें यह तय हुआ था कि चीन गलवान घाटी से अपने बंकर, टैंट और लाव लश्कर को हटा ले मगर चीन ने यहां पर भी धोखा दिया। पूर्व सैनिकों में ज्ञान चंद, प्रकाश चंद, दिले राम, सत्यपाल, हेमराज, जगन्नाथ, मुंशी ठाकुर, जगदीश ठाकुर आदि पूर्व सेना अधिकारियों ने चीन से बहुत ही दूरदर्शिता के साथ बदला लेने की केंद्र सरकार से मांग की है। वहीं, सेना के शहीद जवानों के प्रति उन्होंने श्रद्घांजलि और परिवारों के लिए संवेदना जताई है।