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Mandi News: निजी स्कूल बसों में सीटों से ज्यादा बैठाए बच्चे, काटे चालान

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पधर में स्कूल बस के दस्तावेजों की जांच करते एसडीएम सुरजीत सिंह व आरटीओ।
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पधर (मंडी)। जिला प्रशासन की सख्ती के बावजूद जिले में कई स्कूल बस चालक और संचालक नियमों की अवहेलना कर रहे हैं। मंगलवार को पधर में उपमंडलाधिकारी सुरजीत सिंह और आरटीओ मंडी अनीता कटोच ने निजी स्कूलों की बसों की फिटनेस के दस्तावेज जांचे। अधिकतर बसों में अनियमितताएं पाई गईं। निजी स्कूल की बसों में चालक बिना यूनिफार्म, बिना ड्राइविंग लाइसेंस के भी पाए गए। कई बसों में सीटों से ज्यादा बच्चों को बैठाया गया था। इस पर उपमंडलाधिकारी और आरटीओ ने कुछ बस चालकों के चालान भी किए।
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सख्त निर्देश दिए कि अगर 15 दिन के अंदर अनियमितताओं को सुधारा नहीं गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कई बसों में जीपीएस सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र सही पाए गए। उन्होंने स्कूल संचालकों को भी निर्देश दिए कि स्कूल वाहन में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। अगर किसी बस में कोई कमी पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरटीओ मंडी अनीता कटोच ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट और प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार स्कूल बसों पर प्रशासनिक स्तर पर लगाम कसी गई है।
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स्कूल बसों में यह सब जरूरी
एसडीएम सुरजीत सिंह ने बताया कि गाइडलाइन के अनुसार स्कूल बसों में जीपीएस सिस्टम, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स होना जरूरी है। इसके साथ बस में वैद्य लाइसेंस धारक चालक और परिचालक होना चाहिए। बस में जो बच्चे आते-जाते हैं, उनका रिकॉर्ड होना चाहिए। बसों में सीटों की क्षमता के अनुसार ही बच्चे बैठाए जाने चाहिए। स्कूली बच्चों को घर से स्कूल लाने और स्कूल से घर छोड़ने तक के लिए बसों में एक सहायक जरूरी है। स्कूल बसों की फिटनेस और सर्विस समय पर होनी चाहिए।
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