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Mandi News: मोबाइल, लैपटाॅप के प्रयोग से बढ़ रहे सर्वाइकल और डिस्क के रोगी

Mon, 29 Jul 2024 05:53 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
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सरकाघाट के एक स्कूल  में चल रहे सेवा भारती के नेचुरल पेथी  ​शिविर में मरीजों को उपचार देते हुए
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मंडी। आधुनिक समय में मोबाइल, लैपटॉप और इंटरनेट का अत्याधिक प्रयोग अनिवार्य हो गया है, लेकिन इसके परिणामस्वरूप कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उभर कर सामने आ रही हैं। सरकाघाट में चल रहे छह दिवसीय नेचुरल थेरेपी शिविर में यह खुलासा हुआ है कि इन तकनीकों के अत्याधिक प्रयोग से सर्वाइकल, डिस्क और डिप्रेशन जैसी बीमारियों के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं।
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आरोग्य निकेतन संस्थान के विशेषज्ञों में डॉ. निधि शर्मा (थेरेपिस्ट, नेचुरल पैथी), डॉ. शिव कुमार और अमित शर्मा ने बताया कि यह समस्याएं कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ-साथ मोबाइल पर अधिक समय बिताने वाले बच्चों में भी देखी जा रही हैं। शिविर में इन रोगों से संबंधित कई मामले सामने आए हैं।
शिविर में 100 में से 70 प्रतिशत मरीज इन्हीं बीमारियों से ग्रस्त पाए गए। सबसे राहत की बात यह है कि शिविर में इन मरीजों को आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज दिया जा रहा है। शिविर में चार दिनों में ही सैकड़ों मरीजों ने अपनी जांच करवाई और बिना दवाई थेरेपी से आराम पाया है। अब तक 100 से अधिक मरीजों को इस पद्धति से आराम मिला है और सैकड़ों मरीज अपना इलाज करवाने की चाह में शिविर में पहुंच रहे हैं।
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सर्वाइकल और डिस्क के लक्षण
डॉ. निधि शर्मा, डॉ. शिव कुमार और अमित शर्मा ने बताया कि सर्वाइकल के प्रमुख लक्षणों में गर्दन में दर्द, पीठ में दर्द और जकड़न, रात को बाजुओं का सुन्न हो जाना और रीड़ की हड्डी में दर्द शामिल हैं। डिस्क की बीमारी में कमर में अधिक दर्द रहना और मांसपेशियों में अधिक दर्द प्रमुख लक्षण हैं। डॉ. निधि ने बताया कि आज के समय में बच्चों तक में यह बीमारी हो रही है। इसके कारणों में कई घंटों तक एक स्थान पर बैठकर काम करना, मोबाइल और लैपटॉप चलाना, गलत खानपान और बहुत अधिक देर तक खड़े होकर काम करना शामिल हैं।

नेचुरल पैथी और थेरेपी से उपचार
सरकाघाट में चल रहे शिविर का आयोजन सेवा भारती संस्था द्वारा किया गया है। शिविर के आयोजन में अहम भूमिका निभाने वाले ललित जम्वाल ने बताया कि शिविर में डॉ. निधि की अगुवाई में मरीजों को नेचुरल पैथी और थेरेपी से उपचार दिया जा रहा है। मरीजों को एक्यूप्रेशर, व्यायाम, योग और मसाज से ठीक किया जा रहा है। इसके लिए ऑक्सीजन ब्लड सर्कुलेशन मशीन और फूट बूस्टर टचिंग मशीनों का प्रयोग किया जाता है। यह मशीनें कई तरह की ब्लॉकेज को खोल देती हैं। इलाज में किसी भी प्रकार की दवाई नहीं दी जाती।

सरकाघाट के एक स्कूल  में चल रहे सेवा भारती के नेचुरल पेथी  शिविर में मरीजों को उपचार देते हुए

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