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Mandi News: केंद्रीय अनाज भंडारण बदहाल, सरकारी राशन के संरक्षण पर सवाल

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जोगिन्द्रनगर में केंद्रीय अनाज भंडारण में खुले आसमान के नीचे रखा गया सामान।  संवाद
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जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर में केंद्रीय अनाज भंडारण के बदहाल हो जाने से यहां पर मौजूद राशन के संरक्षण पर सवाल उठने लग गए हैं। हिमाचल प्रदेश सिविल सप्लाई कार्पोरेशन से मान्यता प्राप्त केंद्रीय अनाज भंडारण के रखरखाव पर बरती गई लापरवाही और मरम्मत कार्य के लिए बजट का प्रावधान न होने से अंदर मौजूद आटा, चावल, दालें और उपभोक्ताओं को दिए जाने वाले राशन का संरक्षण मुश्किल हो गया है। फर्श उखड़ जाने से उपभोक्ताओं के पांव भी चोटिल हो रहे हैं। विकास खंड चौंतड़ा व द्रंग के 50 से अधिक राशन के डिपुओं और करीब 90 हजार उपभोक्ताओं को राशन उपलब्ध करवाने के लिए की गई लचर व्यवस्था से अनाज भंडारण के कर्मचारी और अधिकारी भी परेशान है। बीते 60 सालों से केंद्रीय अनाज भंडारण के विस्तार व मरम्मत कार्य को लेकर फूटी कोड़ी भी संबंधित विभाग द्वारा न मिलने से खुले आसमान के नीचे भी भंडारण करना पड़ रहा है। अनाज भंडारण की छतों से पानी का रिसाव बीते कई सालों से हो रहा है। 550 मिट्रिक टन अनाज हर माह केंद्रीय अनाज भंडारण में पहुंच रहा है, लेकिन बदहाल व्यवस्था के चलते इसका संरक्षण करना अधिकारियों के लिए मुश्किलों भरा साबित हो रहा है।
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केंद्रीय अनाज भंडारण के प्रभारी चतर सिंह ने बताया कि करीब 13 लाख रुपये के बजट की मांग सिविल सप्लाई कार्पोरेशन से की गई है, लेकिन मामला अभी भी औपचारिकताओं की फाइल में उलझा हुआ है। वहीं, खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामला विभाग के निरीक्षक केसी पूरी ने बताया कि समाधान के लिए कार्पोरेशन के उच्चाधिकारियों को लिखित तौर पर अवगत करवाया जा रहा है। बजट के प्रावधान होने के बाद यहां की सुविधाओं व संसाधनों में विस्तार किया जाएगा। राशन उपभोक्ताओं को पूरी गुणवत्ता के साथ उपलब्ध करवाया जा रहा है।
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