मकरीड़ी उपतहसील की ग्राम पंचायत पिपली में आयोजित बैठक में मौजूद पंचायत प्रतिनिधि। संवाद
लडभड़ोल (मंडी)। पनविद्युत परियोजना प्लौन (191 मेगावाट) को धरातल पर उतारने की कवायद तेज हो गई है। परियोजना के उप महाप्रबंधक विवेक वर्मा और अन्य अधिकारियों ने परियोजना से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों के लोगों से बैठक का सिलसिला शुरू किया है। मंगलवार को उन्होंने मकरीड़ी उपतहसील की ग्राम पंचायत पिपली में पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ बैठक की। उन्होंने परियोजना शुरू होने से लोगों को होने वाले लाभ तथा विभिन्न विकास कार्यों के बारे में बताया। पंचायत प्रधान इंद्र सिंह ने परियोजना के लिए अधिग्रहित होने वाली जमीन का उचित मुआवजा प्रदान करने की मांग की। वहीं, थाना प्लौन पन विद्युत परियोजना के उप महाप्रबंधक विवेक वर्मा ने बताया कि मंगलवार को मकरीड़ी के पिपली में स्थानीय लोगों से बातचीत की गई। इस दौरान लोगों की समस्याएं भी सुनीं।
बता दें कि केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने मंडी और जोगिंद्रनगर वनमंडल की 406.79 हेक्टेयर वन भूमि हिमाचल प्रदेश पावर कारपोरेशन एचपीपीसीएल के नाम करने की अनुमति पहले ही दे दी है। मंत्रालय की तरफ से यह प्रथम चरण की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई है।
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ब्यास पर परियोजना का निर्माण है प्रस्तावित
सदर विधानसभा क्षेत्र के थाना प्लौन में ब्यास पर परियोजना का निर्माण किया जाएगा। परियोजना में सालाना 692.61 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। प्रोजेक्ट का निर्माण 432.67 हेक्टेयर भूमि में होगा। इसमें 25.88 हेक्टेयर निजी भूमि शामिल है। परियोजना के विद्युत गृह में 50.33 मेगावाट क्षमता की तीन और 20.20 मेगावाट क्षमता की दो टरबाइन होंगी। परियोजना का निर्माण होने से सैकड़ों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। साल 2018 में परियोजना की अनुमानित लागत करीब 1530 करोड़ रुपये आंकी गई थी। परियोजना का जलाशय मुख्य बांध से बिजणी तक करीब 18 किलोमीटर, रणा खड्ड की तरफ 4.5 किलोमीटर और अरनोडी खड्ड में डेढ़ किलोमीटर तक रहेगा।