चैल-जंजैहली सड़क पर जमी बर्फ। संवाद
थुनाग (मंडी)। सराज घाटी में गिरते तापमान और बर्फबारी ने सड़कों को खतरनाक बना दिया है। एक सप्ताह पहले बगस्याड़ इलाके में एक कार हादसा हुआ, जिसका मुख्य कारण ब्लैक आइस था। यह अदृश्य खतरा वाहन चालकों के लिए बड़ा जोखिम बन रहा है।
पिछले दिनों हुई बर्फबारी के बाद दो दिन तक धूप निकली, जिससे सड़कों और नालों में बर्फ पिघली। सुबह-शाम न्यूनतम तापमान माइनस 5 से 10 डिग्री सेल्सियस तक गिरने से पिघला पानी फिर जम गया। इससे सड़कों पर पतली, पारदर्शी बर्फ की परत बन गई, जिसे ब्लैक आइस कहते हैं। यह बर्फ दिखाई नहीं देती, क्योंकि इसके नीचे काली सड़क दिखती है। वास्तव में यह बेहद फिसलन भरी होती है।
इस पर वाहनों की पकड़ पूरी तरह खत्म हो जाती है। अचानक ब्रेक लगाने या मोड़ने पर वाहन अनियंत्रित हो जाता है। राहगीर भी फिसलकर गिर रहे हैं। सुबह और शाम के समय यह खतरा सबसे ज्यादा बढ़ जाता है। थुनाग के एसडीएम संजीत शर्मा ने वाहन चालकों से आग्रह किया है कि वे सावधानी बरतें। जबरदस्ती गाड़ी न चलाएं, स्पीड कम रखें, अचानक ब्रेक या तेज मोड़ से बचें। सराज घाटी में भूस्खलन, दलदल और फिसलन के कारण सफर पहले से ही मुश्किल है। प्रशासन और स्थानीय लोग चालकों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। संवाद