जोगिंद्रनगर की चलारग पंचायत के प्राचीन मंदिर मच्छयाल के समीप कबाड़ में तब्दील बायो शौचालय। स्त्
जोगिंद्रनगर/चौंतड़ा (मंडी)। उपमंडल की चलारग पंचायत में स्थापित लाखों के बायो शौचालय रखरखाव के अभाव से कबाड़ हो गए। इनकी बदहाल स्थिति के साथ फैली दुर्गंध से स्वच्छता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
करीब चार लाख का बजट खर्च कर खुले में शौच को विराम लगाने के उद्देश्य से ये बायो टायलेट स्थापित किए गए थे। प्राचीन मंदिर मच्छयाल के समीप स्थापित किए चार से अधिक बायो शौचालयों की दयनीय स्थिति पर ग्रामीणों ने भी आक्रोश जताते हुए पंचायत प्रतिनिधियों से हस्तक्षेप की मांग उठाई है।
इन शौचालयों को हटाने की मांग की। प्राचीन मंदिर मच्छयाल में दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इन शौचालयों को करीब एक साल तक इस्तेमाल में लाया गया। आम लोगों ने भी इन्हें इस्तेमाल में लाया।
बताया जा रहा है कि शौचालय की नियमित सफाई न होने से दुर्गंध फैली है। इस कारण इन्हें इस्तेमाल में लाना बंद कर दिया गया है।