दुबई के बजाय जर्मनी मार्ग से लाया जाएगा पार्थिव शरीर, क्षेत्र में शोक की लहर
संवाद न्यूज एजेंसी
डैहर (मंडी)। सर्बिया में रोजगार के सिलसिले में गए सुंदरनगर उपमंडल के अरठी कपाही निवासी 48 वर्षीय भूपेंद्र रावत का बीते रविवार सुबह हृदयाघात से निधन हो गया। विदेश में हुई इस अचानक मृत्यु की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने के निर्धारित मार्ग में बदलाव किया गया है। अब शव को दुबई के बजाय जर्मनी के रास्ते भारत लाया जाएगा।
भूपेंद्र रावत पुत्र धनवंत रावत करीब सवा साल पहले रोजगार के लिए सर्बिया गए थे। बीते रविवार सुबह उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। साथ में कार्य कर रहे कपाही निवासी एक युवक ने तत्काल परिजनों को फोन पर घटना की सूचना दी। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही परिवार और पूरे क्षेत्र में मातम छा गया। बताया जा रहा है कि भारतीय दूतावास की सहायता से पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव को भारत भेजने की कार्रवाई शुरू की गई।
भूपेंद्र रावत अपने पीछे पत्नी सोनिका, दो पुत्र अभिषेक (23) और जतिन (21), माता शकुंतला और पिता धनवंत रावत को छोड़ गए हैं। उनके पिता सेना में सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हैं। बड़े भाई विचित्र रावत हाल ही में सेना से कैप्टन पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। जबकि दूसरे भाई महेंद्र रावत वर्तमान में पूंछ-राजौरी क्षेत्र में सूबेदार के पद पर तैनात हैं।