मंडी। बल्ह घाटी के ब्लूम्स कॉलेज के बीएड प्रशिक्षुओं का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को एडीएम मंडी से मिला। प्रशिक्षुओं ने एडीएम के माध्यम से राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित सिंह ठाकुर को एक ज्ञापन भेजा। इसमें संस्थान द्वारा उनसे धोखे से बीएड कोर्स के लिए ली गई फीस को लौटाने की मांग उठाई की है।
प्रशिक्षु शोभित ने बताया कि ब्लूम्स कॉलेज में हिमाचल विश्वविद्यालय के बीएड बैच 2023-24 में दाखिला लिया है। इसमें शुरू में कक्षाएं सुचारू रूप से लगती रहीं। जब प्रथम समेस्टर की परीक्षा का समय आया तो एडमिट कार्ड न आने की वजह से पता चला कि ब्लूम्स कॉलेज की मान्यता एनसीटीई पहले ही रद्द कर चुका है।
उन्होंने कहा कि कॉलेज प्रशासन द्वारा प्रशिक्षुओं को इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई। संस्थान के 96 प्रशिक्षुओं ने कॉलेज प्राचार्य से इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने इस पर बात करने से साफ इंकार कर अपना पल्ला झाड़ दिया। प्रशिक्षुओं ने प्रदेश सरकार से गुहार लगाई है कि कॉलेज प्रबंधन द्वारा की गई धोखाधड़ी से उनका एक साल खराब हो रहा है।
प्रशिक्षुओं ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रबंधन ने गलत तरीके से जानकारी देते हुए 96 प्रशिक्षुओं से बीएड के पहले-दूसरे सेमेस्टर तक की फीस के रूप में 35 से 40 लाख रुपये ऐंठ लिए हैं। जब प्रशिक्षुओं ने प्रशासन से अपनी फीस को लौटाने की मांग की गई तो यह कह कर टाल दिया कि इतना 2-3 महीनों में पढ़ाया जा चुका है। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने अधिकांश प्रशिक्षुओं के फोन नंबर भी ब्लॉक कर दिए हैं। प्रशिक्षु को अब कॉलेज में आने से रोका जा रहा है।
प्रशिक्षुओं ने प्रदेश सरकार व राज्यपाल से गुहार लगाई है कि इस मामले में स्वयं हस्तक्षेप कर कॉलेज प्रबंधन द्वारा वसूली गई फीस को वापिस करवाया जाए। कहा कि उनका एक साल का समय तो वापिस नहीं हो सकता, लेकिन उनके मां-बाप द्वारा खून पसीने से कमाई इस राशि को वापिस लौटाया जाए।