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Mandi News: जादूगरी कला सकी 20% कमाई सरकारी कोष में डालते हैं बलबीर

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धर्मपुर के जादूगर बादल देशभर में कर चुके हैं 18 हजार शो
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरकाघाट (मंडी)। ग्राम पंचायत रखेड़ा के बरोटी निवासी बलवीर आज देशभर में अपनी जादू की कला के लिए जाने जाते हैं। राजस्थान के जादूगर सम्राट मंगल तारा से प्रभावित होकर बलवीर ने 22 वर्ष की उम्र में उनकी शागिर्दी हासिल कर हिमाचल और बाहरी राज्यों में करीब 18 हजार से अधिक जादूगरी के खेल प्रदर्शित किए हैं।
बलवीर ने बताया कि 2003 में बारहवीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह जादूगर मंगल तारा के शिष्य बन गए। गुरु के साथ रहते हुए हाथ की सफाई यानी जादूगरी के अनेक करतब सीखने और कठिन परिश्रम से महारत हासिल की। गुरु के साथ देशभर में बड़े मंचों पर काम किया। आज उन्हें सम्राट बादल के नाम से भी जाना जाता है और दुनियाभर में जादूगरी कला के लिए चौथा स्थान हासिल है। उन्होंने बताया कि इस खेल में मिलने वाली राशि का 20 प्रतिशत भाग वह सरकारी कोष में जमा करवाते हैं ताकि जरूरतमंदों को सहायता मिल सके। कला के माध्यम से नशाबंदी, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, दहेज की कुप्रथा जैसी कुरीतियों को समाज के समक्ष उजागर कर जागरुकता फैला रहे हैं।
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जादूगरी कला के लिए उन्हें विभिन्न राज्यों में सम्मानित किया गया है। वर्ष 2024 में हिमाचल प्रदेश ने भी सम्मानित किया है। धर्मपुर की रखेड़ा पंचायत के बरोटी गांव में एक गरीब परिवार में जन्मे बलवीर ने आज देशभर में जादूगरी कला में महारत हासिल कर नाम कमाया है।
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