सराज घाटी के बड़ादेव विष्णु मतलोड़ा का होम मनाया गया जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। सराज घाटी के लोगों ने होम में हाजिरी लगा कर देव मतलोड़ा का आशीर्वाद लिया। क्षेत्र के लोगों की देव विष्णु मतलोड़ा के प्रति अटूट आस्था है।
देव मतलोड़ा को सात हारों में बांटा गया है जिसमें 29 ग्राम पंचायत व 7800 परिवार है। वीरवार को होम के आयोजन में सात हारों के सैकड़ों लोग शामिल होकर देवता से सुख समृद्धि का आशीर्वाद लिया। सुबह पांच बजे देव मतलोड़ा की अगुवाई में नवनिर्मत कोठी च्यौठ से मूल स्थान खरशू के लिए रवाना हुए।
देव रथ के साथ सैकड़ों लोगों की जलेब शुरू हुई। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज के साथ देवता का रथ मूल स्थान खरशू पहुंचा जहां देवता के रथ को सजाया गया। दो सौ मीटर चलने के लिए देवता को ढाई घंटे लग गए। उसके बाद देवताओं की आरती कर होम की धार्मिक रस्में नारियल से की गई।
देव मतलोड़ा सुबह 10 बजे अपने मूल स्थान खरशू पहुंचे। सराज और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने अपनी मन्नतों को लेकर देवता के गुर पुजारी से पूछ डाली। देव के गुर ने खेल कर लोगों की जिज्ञासाओं का निवारण किया।
देवता कमेटी के प्रधान प्यारे लाल व राम सिंह ने बताया कि होम की सारी रस्में नारियल से निभाई गई। होम में सराज घाटी के अलावा मंडी, कुल्लू जिला व प्रदेश के अन्य जिला से भी लोग पहुंचे थे। देवता के प्रधान प्यारे लाल, सचिव बीरबल ने बताया कि बड़ादेव विष्णु भगवान का रूप है।
जिला के सबसे ज्यादा भूमि के मालिक देव मतलोड़ा है। पहले देव मतलोड़ा की 14 हारे थी जिसमें कि कुछ साल पहले देवता का 7 हारियों कारदारों ने शिकावरी में अलग से दूसरे रथ का निर्माण करवाया था। उन्होंने भी अपने देवता का नाम शिकावरी मतलोड़ा रखा है। बड़ा देव मतलोड़ा के पंडित ओम प्रकाश शास्त्री ने बताया कि इस बार गौदान किया गया जिसे धन, धर्म व विश्व शांति के लिए करवाया जाता है।