थुनाग में ड्रोन के माध्यम से दवाइयां भेजने की तैयारी करते एसडीआरएफ जवान। स्त्रोत एसडीआरएफ
मंडी। सराज में आई आपदा के बाद अब भी कई गांवों के लिए सड़कें बहाल नहीं हो पाई हैं। लोगों का जीवन अस्त व्यस्त है। लोगों की परेशानी को देखते हुए जिला प्रशासन आपदाग्रस्त दुर्गम इलाकों में ड्रोन के माध्यम से दवाइयां पहुंचा रहा है। एसडीआरएफ की टीम को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। खराब मौसम और तेज हवाएं ड्रोन से दवाइयां भेजने में बाधा बन रही हैं।
टीम के पास कई गांवों के लोग व्हाट्सएप के माध्यम से दवाइयों की मांग कर रहे हैं। वीरवार को टीम के पास पांच गांवों से दवाइयों के ऑर्डर आए थे लेकिन खराब मौसम और तेज हवाओं के चलते टीम क्योली, शिल्लीवादी और लेह नकटेरा गांव में ही दवाइयां पहुंचा पाईं। मौसम साथ दे तो टीम एक दिन में सात से दस जगह दवाइयां पहुंचा सकती है। ऑर्डर मिलने के बाद 10 मिनट में दवाइयों की डिलीवरी करवाई जा रही है।
ड्रोन को पायलट नवीन और राजेश गुलेरिया उड़ा रहे हैं। थुनाग के साथ लगते पांच किलोमीटर क्षेत्र तक दवाइयां ड्रोन के माध्यम से पहुंचाई जा रही हैं। एसडीआएफ की टीम सिर दर्द, बुखार, दस्त, उल्टियों की दवाइयां भेज रही है। बीपी, शुगर आदि के लिए एसडीएम थुनाग से संपर्क करने को कहा जा रहा है। इसके बाद ही दवाइयां भेजी जा रही हैं। एसडीआरएफ की टीम शुक्रवार को लंबाथाच और जंजैहली में ड्रोन के माध्यम से दवाइयां वितरित करेगी। आपदा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि प्रभावितों की मदद के लिए प्रशासन गंभीर है। संवाद