एक माह के देव विश्राम के बाद खुलेंगे बड़ा देव कमरूनाग और शिकारी देवी मंदिरों के कपाट
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। एक माह के देव विश्राम के बाद सायर पर्व पर वीरवार को कमरूघाटी के प्रमुख देवालयों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। बड़ा देव कमरूनाग और शिकारी देवी समेत क्षेत्र के प्रमुख देवस्थलों में सुबह विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कपाट खुलेंगे। इसके साथ ही देवालयों में मंगल घंटियां गूंजेंगी और श्रद्धालु अपने आराध्य देवताओं के दर्शन कर आशीर्वाद लेंगे।
देव परंपरा के अनुसार भाद्रपद मास में एक माह के लिए देवालयों के कपाट बंद रखे जाते हैं। स्थानीय स्तर पर इसे देव विश्राम काल कहा जाता है। इस अवधि में सार्वजनिक रूप से पूजा-अर्चना और देव दर्शन की परंपरा बंद रहती है। सायर पर्व के साथ यह अवधि पूरी होने पर देवालयों में फिर से धार्मिक गतिविधियां शुरू होती हैं।
वीरवार को सुबह पूजा-अर्चना के बाद कपाट खुलते ही स्थानीय श्रद्धालुओं के अलावा दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचने वाले भक्तजन देव दरबार में शीश नवाएंगे। श्रद्धालु परिवार की सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और अच्छी फसल की कामना करेंगे। बड़ा देव कमरूनाग कमरूघाटी और आसपास के क्षेत्रों के प्रमुख आराध्य देवताओं में शामिल हैं। एक माह बाद देव दर्शन होने के कारण सायर पर्व पर यहां श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहता है। देवालयों में कपाट खुलने के साथ ही क्षेत्र में धार्मिक माहौल बनेगा।
बता दें कि कमरूनाग और शिकारी देवी जैसे देवस्थल मंडी की समृद्ध देव संस्कृति और सदियों पुरानी परंपराओं के प्रतीक हैं। सायर पर्व पर देव विश्राम के बाद कपाट खोलने की परंपरा में धार्मिक आस्था के साथ ऋतु परिवर्तन और कृषि संस्कृति का भी जुड़ाव देखने को मिलता है।