मंडी के जोनल अस्पताल में पर्ची कांउटर पर उमडी़ भीड़ संवाद
मंडी। जोनल अस्पताल मंडी में सोमवार को सप्ताह के पहले दिन मरीजों की भारी भीड़ उमड़ी। हर ओपीडी के बाहर दिनभर कतारें लगी रहीं। भीड़ के आगे अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्थाएं भी हांफती नजर आई। अस्पताल में शाम तक करीब 1200 की ओपीडी दर्ज की गई। हालत यह थी कि कुछ मरीजों का पर्ची बनाने और फीस कटवाने में ही सोमवार को आधा दिन बीत गया। पहले पर्ची बनाने और फिर ओपीडी में चेकअप करवाने के लिए इंतजार करना पड़ा। यहां टेस्ट की सलाह पर दोबारा फीस कटवाने के लिए लाइन में लगना पड़ा। इसी व्यवस्था से गुजरते हुए मरीज दिनभर परेशान नजर आए। समय दोपहर 12:00 बजे, स्थान जोनल अस्पताल मंडी। अस्पताल के पर्ची काउंटर पर भारी भीड़ होने के मरीज कतारों में खड़े दिखे। वहीं, कुछ लोग थकान मिटाने के लिए किनारे पर बैठे नजर आए। सरोआ पंडोह निवासी वयोवृद्ध 80 वर्षीय मेहर सिंह से बात करने पर बताया कि वह 77 वर्षीय पत्नी माघी देवी का एक्स-रे करवाने की फीस जमा करने के लिए एक घंटे से कतार में खड़े हैं। वहीं, साथ खड़े रिवालसर निवासी युवा ललित ने बताया कि उनके 52 वर्षीय ससुर बीमार हैं। इनके एक्स रे के लिए फीस जमा करवाने के लिए खड़े हैं, लेकिन अभी तक काउंटर तक नहीं पहुंच पाए हैं।
समय 12:15 मिनट, सरकारी दवाखाना पर खड़ी 18 वर्षीय पल्लवी निवासी कोटली को दवाखाने पर तैनात कर्मचारी की ओर से यह कहकर मना कर दिया कि उनके पास यह दवाई उपलब्ध नहीं है, बाहर से खरीद लो। पल्लवी जब साथ लगती जेनेरिक दुकान पर पहुंचीं तो वहां से भी उन्हें लौटा दिया गया। पूछने पर सेल्समैन ने बताया कि पर्ची पर लिखी दवाई ब्रांडेड कंपनी की है, जो उनके पास नहीं है। अस्पताल के आई ओपीडी, ऑर्थो, सर्जिकल, एक्स, अल्ट्रासाउंड ओपीडी का भी दौरा किया, जहां लोग कतारों में खड़े दिखे। वहीं, गायनी ओपीडी में भीड़ के चलते महिलाएं जमीन पर बैठकर इंतजार करती नजर आईं। सोमवार को भीड़ होने के चलते कई मरीज बिना उपचार के ही लौट गए।
बालीचौकी निवासी महिला चुन्नी देवी, भाटकीधार की दीपा और उसके पति गौरव ने बताया कि सुबह से इधर-उधर ही जा रहे हैं। कभी पर्ची तो कभी टेस्ट फीस भरने में ही आधा दिन खप गया है। दोपहर बाद अब डॉक्टर से जांच करवाई जाएगी।
उधर, जोनल अस्पताल मंडी के डाॅ. धर्म चंद वर्मा ने बताया कि लोगों की संख्या बढ़ने पर असुविधा हो सकती है।अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में दवाइयों का स्टॉक रहता है। स्त्री रोग विशेषज्ञ के अवकाश पर होने के चलते गायनी ओपीडी में दो चिकित्सकों को तैनात किया है। जो मरीजों का उपचार कर रहे हैं।