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Mandi News: मंडी में 15 लाख पेटियों में सिमट गया सेब का सीजन

Thu, 10 Oct 2024 11:48 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
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गोहर उपमंडल के कुटाहली में खाली पड़ा सेब बगीचा। संवाद
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गोहर (मंडी)। जिला मंडी में इस बार सेब सीजन 15 लाख पेटियों में ही सिमट गया है। हालांकि एचपीएमसी के खरीद केंद्रों में सेब की खरीद जारी है। मगर मंडी जिले के सेब उत्पादित क्षेत्रों में अब सेब सीजन लगभग समाप्त हो गया है। एपीएमसी मंडी के आंकड़ों के अनुसार इस बार 57 फीसदी सेब उत्पादन लुढ़का है। मंडी जिला में औसतन 35 लाख सेब पेटी होती है।
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इस बार 20 किलो सेब की पेटी 3500 रुपये तक बिकी है, जबकि 10 किलो की पेटी 2000 रुपये तक बिकी है। क्षेत्र में खराब सड़कों की हालत को लेकर बागवानों को किसी खास समस्या का सामना नहीं करना पड़ा है। सराज सेब उत्पादक संघ के अध्यक्ष चतर सिंह ठाकुर ने बताया कि इस बार मौसम की मार के चलते बागवानों को आर्थिक लाभ कम उत्पादन के चलते नहीं मिल पाया है। बागवानों रमेश ठाकुर, राम लाल, चंद्रमणि, दिवान चंद, हेम राज, पवन कुमार, लाभ सिंह, मोहर सिंह, राम सिंह और सेवक राम ने बताया कि इस बार उत्पादन कम होने से उन्हें निराशा हाथ लगी है।
वहीं नाचन फ्रूट एवं वेजिटेबल संघ के अध्यक्ष बीके ठाकुर ने कहा कि सरकार ने सेब का समर्थन मूल्य कम बढ़ाया है। यह अधिक होना चाहिए। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में सरकार जल्द कोल्ड स्टोर की व्यवस्था करें। बता दें कि करसोग, चरखड़ी, चुराग, निहरी, रोहांडा, शकोहर, कुटाहची, सरोआ, सजीहनी, जहल, सलाहर, काढ़ा, बगस्याड़, थुनाग, जंजैहली, छतरी, थाची, पंजाई और द्रंग बेल्ट में सेब उत्पादन होता है।
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उधर, एपीएमसी सचिव विवेक चंदेल ने बताया कि इस बार सेब पर मार्केट फीस से 40 लाख रुपये आय हुई है। बीते वर्ष से यह 67 लाख रुपये थी। उन्होंने बताया कि इस बार सेब उत्पादन बीते वर्ष के मुकाबले से 50 फीसदी से कम है।
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