मंडी। सन्यारड़ स्थित कॉलोनी के निर्माण के दौरान कथित गहरी खोदाई से आसपास के मकानों को खतरा होने का दावा करने वाले पांच लोगों को जिला अदालत से राहत नहीं मिली। जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने अंतरिम राहत के लिए दायर अपील खारिज कर दी।
पांच लोगों ने निचली अदालत के 10 नवंबर 2025 के आदेश को चुनौती दी थी। उनका आरोप था कि गहरी और कथित अवैज्ञानिक खोदाई से मकानों की नींव और जमीन की स्थिरता प्रभावित हुई है। उन्होंने खोदाई रोकने और रिटेनिंग वॉल बनाने की मांग की थी। अदालत ने कहा कि पहले आवेदकों को जल निकासी की उचित व्यवस्था करनी होगी। निचली अदालत के आदेश में कोई गंभीर त्रुटि नहीं मिलने पर अपील खारिज कर दी गई।