सुंदरनगर (मंडी)। कीरतपुर- नेरचौक फोरलेन संघर्ष समिति की बैठक रविवार को डैहर में हुई। इसमें केंद्र सरकार और एनएचएआई की बेरुखी पर प्रभावितों ने रोष जताया। समिति के प्रवक्ता राजकुमार ने बताया कि जिन प्रभावितों ने अपनी जमीन राष्ट्र हित में योगदान के लिए दी है, वह आज मुआवजे के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
फोरलेन निर्माण के कारण घरों में दरारें आने से असुरक्षित जोन में रह रहे हैं। रणजीत ने बताया कि एनएचएआई की ओर से प्रशासन के साथ मौका कर मुआवजा देने का आश्वासन दिया था लेकिन 3 साल बाद भी कोई सुध नहीं ली जा रही है। राज कुमार ने बताया कि कोट गांव में अधिग्रहण के बाद एक बीघा जमीन कागजों में है जबकि मौके पर आधी भी नहीं है।
निशानदेही के 4 साल बाद भी एनएचएआई ने न तो ज्यादा अधिग्रहित भूमि का मुआवजा दिया न ही जमीन पूरी करवाई। फोरलेन संघर्ष समिति डैहर के अध्यक्ष विजय शर्मा ने बताया कि जल्द ही प्रतिनिधिमंडल एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर से मिलेगा। अगर इनकी समस्याओं का हल नहीं हुआ तो आगे की रणनीति बनाई जाएगी। इस बैठक में मनीष, श्याम लाल, राज कुमार परवीन, सीता राम आदि मौजूद रहे।संवाद