मंडी में धरना दे रहे 108 व 102 एंबुलेंस सेवा कर्मियों से बात करते पुलिस कर्मी
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मंडी। जीवीके ईएमआरआई कंपनी के माध्यम से प्रदेश में संचालित 108 और 102 एंबुलेंस सेवा में तैनात कर्मचारियों ने वीरवार को अपनी मांगों को लेकर हड़ताल की और रैली निकाल कर उपायुक्त कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने अतिरिक्त उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर के माध्यम से मुख्यमंत्री और उपायुक्त मंडी को मांग पत्र प्रेषित किया। चालक और फार्मासिस्टों के प्रदर्शन से जिला भर में 108 और 102 एंबुलेंस की सेवाएं ठप रहीं। जिससे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
वीरवार को जिला भर में संचालित 108 और 102 एंबुलेंस सेवा में कार्यरत कर्मचारियों ने मंडी शहर में रैली निकाल कर प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी कर उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। मांग की है कि सरकार सभी कर्मचारियों के लिए समान नीति बनाए जाए। कंपनी की ओर से निकाले गए सभी 170 कर्मचारियों को वापस लिया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि कंपनी की ओर से 48 से 50 घंटे काम लेने के बाद भी अतिरिक्त वेतन नहीं दिया जा रहा है। ईपीएफ का ब्योरा भी कर्मचारियों को नहीं दिया जा रहा है। प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने इंटक सचिव संजय चौहान की अध्यक्षता में अतिरिक्त उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर के माध्यम से मुख्यमंत्री, उपायुक्त और कंपनी के एमडी को मांग पत्र प्रेषित किया।
कर्मचारियों की हड़ताल से जिला मंडी में 108 और 102 सेवा की 61 एंबुलेंस खड़ी रहीं। जिससे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि जिले में वीरवार को कोई दुर्घटना नहीं हुई है। अन्यथा कर्मचारियों की हड़ताल किसी की जान पर भारी पड़ सकती थी।
जीवीके ईएमआरआई कंपनी के एमडी मैहुल सुकुमार ने बताया कि देश के 12 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में 12 हजार एंबुलेंस कंपनी के माध्यम से चल रही हैं और 45 हजार कर्मचारी तैनात हैं। हिमाचल में भी सरकार के साथ नो प्राफिट आधार पर एमओयू हुआ है। सरकार के न्यूनतम वेतनमान के मानकों को शत प्रतिशत कंपनी पालन कर रही है। हर साल कंपनी का ऑडिट होता है। कर्मचारियों का ईपीएफ का ब्योरा ऑनलाइन दिया जा रहा है। अगर आपातकालीन सेवा के दौरान कोई कर्मचारी अतिरिक्त ड्यूटी देता है तो उसका ओवर टाइम भी कंपनी दे रही है।