समीक्षा बैठक में बोले डीसी, पंचायत स्तर पर शुरू करवाए जाएं कार्य
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने सभी खंड विकास अधिकारियों को मनरेगा के अंतर्गत श्रमदिवस बढ़ाने पर फोकस करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर जो कार्य अब तक शुरू नहीं हुए हैं, उन्हें तत्काल शुरू करवाया जाए। इसकी नियमित समीक्षा प्रत्येक सोमवार को की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले जीआरएस और तकनीकी सहायकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिले में इस वर्ष 53.19 लाख के लक्ष्य के मुकाबले अभी तक 37.97 लाख श्रमदिवस ही सृजित हो पाए हैं।
वीरवार को डीआरडीए सम्मेलन कक्ष में आयोजित ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज योजनाओं की समीक्षा के लिए खंड विकास अधिकारियों की बैठक की डीसी ने अध्यक्षता की। उपायुक्त ने मनरेगा के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण शुरू न होने पर सभी बीडीओ को संबंधित सीडीपीओ के साथ मिलकर मौके का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। जहां भूमि की उपलब्धता के कारण निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा है, वहां एफआरए केस बनाकर मामला आगे बढ़ाया जाए। निर्देश दिए कि सभी बीडीओ एक सप्ताह के भीतर स्थलीय निरीक्षण सुनिश्चित करें। जिले में मनरेगा के तहत 76 आंगनबाड़ी केंद्र प्रस्तावित हैं, जिनमें से अभी तक केवल 32 केंद्रों का ही कार्य शुरू हो पाया है।
मनरेगा श्रमिकों की ई-केवाईसी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि आगे केवल ई-केवाईसी पूर्ण होने की स्थिति में ही भुगतान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 3,21,520 श्रमिकों के मुकाबले अभी तक 2,20,845 श्रमिकों की ही केवाईसी हो पाई है। मधु मांडव परियोजना के लिए प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग में मंडी जिला को शामिल किया गया है, जिससे परियोजना का लाभ मिलेगा। मधुमक्खी पालन के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाई जा सकती है।
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