सीटू के बैनर तले मंडी में रैली निकालती आंगनबाड़ी वर्कर्स।
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मंडी। आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के प्रधान सचिव को डीसी मंडी के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया है। मांगों को लेकर वर्करों व हेल्परों ने शहर मेें विशाल रैली भी निकाली। यूनियन की राज्य सचिव राज कुमारी ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग में चपरासी से लेकर परियोजना अधिकारी तक सभी सरकारी कर्मचारी हैं। उक्त विभाग में मात्र आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स को स्वयं सेवी माना जाता है।
यूनियन ने प्रधान सचिव से आग्रह किया है कि यूनियन की जायज मांगों को पूरा किया जाए। जिसमें आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स को हरियाणा की तर्ज पर साढ़े सात हजार रुपये और चार हजार मासिक वेतन दिया जाए। वर्ष 2015-16 के बजट में सरकार ने आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स के मानदेय में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की थी। इसे तुरंत लागू किया जाए। वर्ष 2015 से एरियर का भुगतान किया जाए। वर्कर्स व हेल्पर्स को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए, सरकारी कर्मचारी को मिलने वाली सभी सुविधाएं दी जाएं, सेवानिवृत्ति की आयु केंद्र सरकार के आदेशानुसार 65 वर्ष की जाए, सेवानिवृत्ति पर पेंशन व ग्रेच्युटी की सुविधा दी जाए, आंगनबाड़ी केंद्र में खाली पदों पर उसी केंद्र की कार्यरत हेल्पर्स को वर्कर के पद पर पदोन्नत किया जाए। सिरमौर और कांगड़ा में डाइट काउंसलर की भर्ती का भी विरोध किया है।
विभाग में सुपरवाइजर इस जिम्मेवारी को सही ढंग से निभा रही हैं। यूनियन ने मांग की है कि डाइट काउंसलर की भर्ती न की जाए। ईंधन बिल एक रुपया प्रति लाभार्थी दिया जाए। एनआरएचएम बकाया रुपयों का भुगतान शीघ्र किया जाए। इस अवसर पर जिला प्रधान हिमेंद्री शर्मा, सचिव सुमित्रा, कोषाध्यक्ष विमला शर्मा, सीटू जिला कार्यकारी सचिव गोपेंद्र कुमार, नौजवान सभा के महेंद्र राणा कृष्णा, गोदावरी, माया, उमावती सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।