तीन दिवसीय गलू मेले के समापन पर देवी देवताओं के दर्शन कर आशीर्वाद लेते श्रद्धालु। स्रोत जागरूक
जोगिंद्रनगर (मंडी)। चौहारघाटी के आराध्य देव पशाकोट और अन्य देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना के साथ मंगलवार को तीन दिवसीय गलू मेला संपन्न हो गया। जोगिंद्रनगर शहर के समाजसेवी राजमल और बीएड कॉलेज प्रबंध निदेशक नीलम चौहान ने समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान महिला मंडलों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
मेला समिति की ओर से गलू पंचायत की प्रधान कला देवी, उपप्रधान सन्नी बिष्ठ ने समारोह के मुख्यातिथियों और विशेष अतिथियों को सम्मानित किया। प्रधान ने कहा कि देव परंपरा और हिमाचल की संस्कृति पर आधारित प्राचीन गलू देवता मेले की सांस्कृतिक संध्याओं में प्रदेशभर के कलाकारों को अधिमान दिलाया गया।
मुख्यातिथि राजमल ने कहा कि प्रदेशभर में मेलों के आयोजनों से न केवल जरूरतमंद कारोबारियों की आर्थिकी सुदृढ़ हो रही है, बल्कि लुप्त हो रही सांस्कृतिक धरोहर के महत्व की जानकारी क्षेत्रवासियों को मिल रही है। उन्होंने तीन दिवसीय मेले के विभिन्न आयोजनों के प्रतिभागी खिलाड़ियों को सम्मानित किया।
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पहलवानों ने दिखाया दमखम
तीन दिवसीय गलू देवता मेले के समापन अवसर पर कुश्ती का आयोजन किया गया। इसमें पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और हिमाचल के नामी पहलवानों ने अपनी ताकत दिखाई। देर शाम तक चली कुश्ती लोगों के मनोरंजन का मुख्य आकर्षण रही। महादंगल में पहलवान ने दंगल को जीता। मेला समिति की अध्यक्ष कला देवी व उपाध्यक्ष सन्नी विष्ठ ने बताया कि गलू देवता मेले में देश भर के करीब सौ पहलवानों ने दमखम दिखाया।