बचपन में सीखे सिलाई कढ़ाई को कार्य को बनाया आजीविका का साधन
टॉय मेकिंग और ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण लेने के बाद अन्य महिलाओं को दे रहीं प्रशिक्षण
विभागीय योजनाओं का लाभ लेकर महिलाओं को दे रहीं प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। कहते हैं कि शौक आदमी को कहां से कहां पहुंचा देता है। इस कहावत को साकार किया है मंडी शहर के लोअर समखेतर वार्ड निवासी मोनिका मट्टू ने। एमए और बीएड करने के बावजूद जब उन्हें नौकरी नहीं मिली, तो उन्होंने शादी से पहले सीखे ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण को अपने शौक और हुनर में बदलते हुए पति और परिजनों के सहयोग से अपना पार्लर शुरू किया। साथ ही उन्होंने स्थानीय स्तर पर टॉय मेकिंग का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया और इसी क्षेत्र में कार्य शुरू कर दिया।
अपने कार्य में दक्षता हासिल करने के बाद आज वह केंद्र सरकार द्वारा संचालित जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस) के तहत प्रशिक्षक के रूप में प्रशिक्षण केंद्र चला रही हैं। पिछले 5–6 वर्षों में उनके यहां 600 से अधिक महिलाओं और युवतियों ने ब्यूटी पार्लर और टॉय मेकिंग का निशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इनमें से कई महिलाएं आज स्वरोजगार कर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।
मोनिका मट्टू ने पार्लर और टॉय मेकिंग के साथ-साथ फूड प्रोसेसिंग के अंतर्गत अचार और चटनी बनाने का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है। वर्तमान में उनके केंद्र में तीन बैच सक्रिय हैं, जिन्हें ब्यूटी पार्लर और टॉय मेकिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वह प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान करती हैं।
उनका कहना है कि जरूरी नहीं कि शिक्षा प्राप्त करने के बाद केवल सरकारी या निजी नौकरी ही की जाए। यदि व्यक्ति में आत्मविश्वास हो और किसी क्षेत्र में कुछ अलग करने का जुनून हो, तो सही प्रशिक्षण, जानकारी और मेहनत से सफलता प्राप्त की जा सकती है। समय और परिस्थितियां ही व्यक्ति को जीवन का अनुभव सिखाती हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में उनके केंद्र में नए बैच के लिए प्रवेश शुरू हो चुके हैं। इच्छुक महिलाएं और युवतियां आवेदन कर सकती हैं। केंद्र में केंद्र सरकार की योजना के तहत निशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है।