मंडी। सर्दियों के मौसम में आपदा से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। शुक्रवार को उपायुक्त संदीप कदम की अध्यक्षता में जिला आपदा प्रबंधन समिति की बैठक हुई। जिसमें सर्दियों के मौसम में भारी हिमपात और उससे होने वाले नुकसान की स्थिति से निपटने के उपायों पर चर्चा की गई।
संदीप कदम ने कहा कि जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सर्दियों में भारी हिमपात की संभावनाएं रहती हैं, जिनमें जंजैहली, करसोग, गोहर, चौहार घाटी, बरोट, बालीचौकी आदि क्षेत्र शामिल हैं। भारी हिमपात के दौरान सड़क यातायात प्रभावित होता है और इससे अन्य सेवाएं बहाल करने में भी भारी परेशानी होती है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि ऐसी स्थिति से निपटने के लिए मशीनरी इत्यादि तैयार रखें और समय-समय पर आपदा प्रबंधन की समीक्षा भी करते रहें।
भारी बर्फबारी की स्थिति में पेड़ इत्यादि गिरने से विद्युत आपूर्ति भी बाधित रहती है। उन्होंने संबंधित विभाग को निर्देश दिए कि वे भारी हिमपात की संभावना वाले क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर, बिजली तारें तथा खंभों इत्यादि का भंडारण पूर्व में ही सुनिश्चित कर लें। हिमपात वाले क्षेत्रों में खाद्यान्न का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जा रहा है। आपदा की स्थिति में नुकसान की सूचना दैनिक आधार पर जिला मुख्यालय को प्रेषित करने के भी निर्देश दिए। आपदा के बारे में जिला आपात केंद्र के दूरभाष नंबर 1077, 226201, 226202, 226203 तथा 226204 पर भी संपर्क किया जा सकता है। बैठक में एडीएम विवेक चंदेल सहित लोक निर्माण, विद्युत, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।