कुथाह मेले में निकली जलेब में देवताओं के साथ भाग लेते देवलु। स्रोत जागरूक पाठक
थुनाग (मंडी)। जिला स्तरीय कुथाह मेला वीरवार को ढोल-नगाड़ों की थाप और भक्ति भरे माहौल में शुरू हो गया। बाखलीनाल की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक यह ऐतिहासिक मेला 22 से 31 मई 2025 तक चलेगा। मेले के पहले दिन स्थानीय देवी-देवताओं की भव्य जलेब ने सभी का ध्यान खींचा। देवी महामाया और देव तुंगासी के आगमन के साथ मेले का शुभारंभ हुआ । इस दौरान मंदिर परिसर से मेला मैदान तक जलेब निकाली गई। इससे पूरा मेला मैदान देव ध्वनियों से गूंज उठा।
कुथाह मेले में जंजैहली घाटी के लोग गुच्छी (मोरल मशरूम) को बाहर से आए व्यापारियों को बेचते हैं। इससे प्राप्त आय से वे अपने परिवार की साल भर की जरूरतें पूरी करते हैं। इस बार गुच्छी की कीमतों में भारी गिरावट ने लोगों को निराश किया है। वर्तमान में गुच्छी का दाम 5,000-6,000 रुपये प्रति किलो है जो पिछले साल की तुलना में तीन गुना कम है। जिला स्तरीय कुथाह मेले में पूरे प्रदेश से व्यापारी भाग ले रहे हैं।
एडीसी मंडी रोहित राठौर ने बतौर मुख्य अतिथि मेले का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि कुथाह मेला आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। यह न केवल हमारी परंपराओं को जीवित रखता है, बल्कि समुदाय को एकजुट करने का भी माध्यम है। उन्होंने सराज वासियों को प्राचीन परंपराओं को संजोने के लिए बधाई दी और सभी से अपनी संस्कृति को सहेजने का आह्वान किया। इस अवसर पर कांग्रेस नेता जगदीश रेड्डी, एसडीएम लक्ष्मण कनेट सहित अन्य गणमान्य लोगों सहित अधिकारी मौजूद रहे।