मंडी के सैण मोहल्ले में ममता का शव लेकर पहुंची एम्बुलेंस व एकत्रित भीड़। इस दौरान पुलिस भी मौजूद
मंडी। शहर के बहुचर्चित तेजाब कांड की पीड़िता ममता (41) ने चार दिन के संघर्ष के बाद बुधवार देर रात पीजीआई चंडीगढ़ में दम तोड़ दिया। चिकित्सकों ने रात 11:45 बजे उन्हें मृत घोषित किया। घटना के बाद से पीड़िता की हालत लगातार नाज़ुक बनी हुई थी। मरने से पहले महिला ने मंडी के हनुमानघाट में अंतिम संस्कार करने की इच्छा जताई थी। मायका पक्ष को ही अंतिम संस्कार करने को कहा था। आरोपी पति को कड़ी सजा दिलाने की बात कही थी।
घटना 15 नवंबर की है जब सैण मोहल्ले में पारिवारिक विवाद के दौरान पीड़िता के पति नंदलाल ने ममता को पहली मंजिल से धक्का देने के बाद तेजाब फेंककर बुरी तरह झुलसा दिया था। गंभीर रूप से घायल ममता को पहले एम्स बिलासपुर में भर्ती कराया गया, जहां संक्रमण बढ़ने और सांस लेने में कठिनाई के चलते 16 नवंबर को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। यहां आईसीयू में वह जिंदगी व मौत के बीच झूलती रहीं। जख्मों का ताव न सहते हुए बुधवार रात ममता ने दम तोड़ दिया। इसी के साथ लोगों का गुस्सा भी सोशल मीडिया में खूब फूटा।
परिवार के सदस्य केशव राजपूत ने बताया कि बुधवार दिन में ही बुआ ममता की स्थिति बेहद खराब हो गई थी। देर रात डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वीरवार दोपहर को शव का पोस्टमार्टम पीजीआई चंडीगढ़ में हुआ। देरशाम को शव चंडीगढ़ से मंडी लाया गया। उधर, एसपी साक्षी वर्मा ने बताया कि मौत की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम चंडीगढ़ रवाना हुई। मौके पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई अमल पर लाई गई। इस मामले में अब हत्या से संबंधी धाराएं भी जोड़ी जाएंगी। मामले में नियमानुसार जांच जारी है। उन्होंने बताया कि आरोपी पति न्यायिक हिरासत में है।
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तेजाब कांड की कुल तीन घटनाएं, मौत पहली
मंडी जिले में तेजाब कांड पहले भी दो बार हो चुका है। इनमें युवतियां तेजाब की चपेट में आने से झुलस गई थीं, लेकिन यह पहली बार है कि तेजाब कांड में महिला की मौत रिपोर्ट हुई है। इस घटना ने सभी को झकझोर दिया है। सोशल मीडिया में भी महिला के पुराने वीडियो व फोटो खूब वायरल हो रहे हैं। आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।
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