मंडी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की विशेष अदालत (द्वितीय) ने भांग के 2,000 पौधों की खेती करने का अभियोग साबित न होने पर बालीचौकी तहसील के भेखलू (थाची) निवासी खीम सिंह को बरी करने का फैसला सुनाया है। जानकारी के अनुसार औट थाना पुलिस का दल 19 अगस्त 2020 को थाची क्षेत्र में गश्त पर था।
इस दौरान पटवारी ने उन्हें सूचित किया कि भेखलू गांव में आरोपी ने पांच बिस्वा जमीन में भांग की खेती की है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करके अदालत में अभियोग चलाया था।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि जिस रकबे से भांग की खेती बरामद हुई थी, उसकी तकसीम नहीं हुई है और इसके मालिक और कब्जेदार अन्य हिस्सेदार भी हैं। इसके अलावा कानूनगो की ओर से नियमों के अनुसार निशानदेही की प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। इससे यह जाहिर नहीं हो पाया है कि भांग के पौधे उसी खसरा नंबर में पाए गए थे। ऐसे में अदालत ने आरोपी को बरी करने का फैसला सुनाया है। संवाद