मंडी। चरस बरामदगी का अभियोग साबित न होने पर अदालत ने एक महिला आरोपी को बरी करने का फैसला सुनाया है। फैमिली कोर्ट की विशेष अदालत ने जिला कुल्लू की भुंतर तहसील के परगाणु निवासी किरन ठाकुर के खिलाफ एनडीपीएस की धारा 20 के तहत अभियोग साबित न होने पर उसे बरी करने का फैसला सुनाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार पुलिस का दल 19 मई 2023 को बिंद्रावणी क्षेत्र में तैनात था और वाहनों की चेकिंग कर रहा था। इस दौरान पुलिस ने एक निजी बस को चेकिंग के लिए रोका। बस की तलाशी के दौरान सीट नंबर 25 पर बैठी महिला आरोपी के बैग की तलाशी ली तो इसमें से 2.024 किलोग्राम चरस बरामद हुई थी।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर अदालत में अभियोग चलाया था। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि इस मामले के गवाहों ने विरोधाभासी बयान दिए हैं। इससे आरोपी के खिलाफ संदेह की छाया से दूर अभियोग साबित नहीं हुआ है। ऐसे में अदालत ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी करने का फैसला सुनाया है। संवाद