मंडी। विशेष न्यायाधीश-तीन मंडी की अदालत ने चरस मामले में अभियोग साबित न होने पर आरोपी को बरी करने के आदेश दिए हैं। सदर पुलिस ने 2018 में भ्यूली चौक मंडी में पंजाब के बालाचौर निवासी युवक को 183 ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया था। अभियोजन पक्ष की तरफ से तथ्यों के अनुसार 30 जनवरी 2018 को पुलिस दल गश्त पर एनएच-21 पर भ्यूली चौक मंडी पर मौजूद था।
एक एचआरटीसी बस कुल्लू की ओर से मंडी की ओर आ रही थी। पुलिस ने बस को जांच के लिए रोका। मनाली से हरिद्वार जा रही बस में बैठा युवक पुलिस दल को देखकर घबरा गया। युवक ने अपना नाम और पहचान जसपाल निवासी पंजाब के रूप में बताई। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 183 ग्राम चरस बरामद हुई।
पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया। सभी औपचारिकताओं के बाद चालान अदालत में पेश किया गया। अदालत ने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य विसंगत हैं और विश्वास पैदा नहीं करते हैं। जांचकर्ता की ओर से एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 के प्रावधान का अक्षरश पालन करने में विफलता रही है। ऐसे में अभियुक्त के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के तहत दंडनीय अपराध करने के लिए कोई दोष सिद्धि दर्ज नहीं की जा सकती। संवाद