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सब्जियों के बजट पर तीन गुना मार

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मंडी। जिले में आलू और टमाटर की पैदावार होने के बावजूद भी इनके दाम आसमान छू रहे हैं। दो माह पहले दस रुपये किलो बिक रहा टमाटर अब 60 रुपये प्रतिकिलो बिकने लगा है। हर सब्जियों में इस्तेमाल होने वाला आलू भी परचून में 35 रुपये प्रति किलो मिल रहा है। सब्जियों के दाम में आए उछाल से आम आदमी बेहाल है।
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जिला मंडी की बल्हघाटी में टमाटर और चौहारघाटी की 13 पंचायतों में आलू की पैदावार बड़े पैमाने पर होती है। लोकल मार्केट में आलू के परचून रेट 30 से 35 रुपये प्रतिकिलो चल रहे हैं। अन्य सब्जियों के दाम भी आसमान छू रहे हैं। हरा मटर 80 रुपये प्रति किलो, फ्रासबीन 40, फूलगोभी 40 और खीरा 30 रुपये किलो बिक रहा है। प्याज के दाम में कमी आई है। प्याज 30 रुपये प्रति किलो बिक रहा।
चौहारघाटी की 13 पंचायतों और छोटा भंगाल की सात पंचायतों में आलू का सीजन चला है। यहां से हर रोज आठ से 10 गाड़ियां बाहरी राज्यों की मंडियों के लिए जा रही हैं। इसके अलावा लोकल मटर और टमाटर भी मंडियों में जा रहा है। दो माह पहले बल्हघाटी में टमाटर की बंपर पैदावार के चलते टमाटर खुले बाजार में 10 रुपये किलो तक बिका था। स्थानीय वरिष्ठ नागरिक बीके शर्मा, लेखराज, ज्ञान चंद, सुरेंद्र, सुरेश कुमार, भावना देवी और सुमन का कहना है कि सब्जियों के दाम बढ़ने से आम आदमी परेशान है। हर रोज सब्जी खरीदने में 100 से 150 रुपये खर्च आता है। पहले एक दिन की सब्जी 50 रुपये तक आ जाती थी। इससे घर का बजट गड़बड़ा रहा है। टकोली सब्जी मंडी के आढ़ती प्रदीप शर्मा, पंकज शर्मा और तुलसी राम का कहना है कि हरा मटर लाहौल से मंडी आ रहा है। प्याज भी बाहरी क्षेत्रों आता है। बारिश के कारण फसल खराब हुई है। इस कारण रेट बढ़े हैं।
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जिला प्रशासन उठा रहा कड़े कदम
जिला प्रशासन ने सब्जियों के रेट को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। चौहाटा में हर रोज सब्जियों के भाव बोर्ड पर प्रदर्शित होते हैं। इसके अलावा परचून विक्रेताओं को भी दुकानों में रेट लिस्ट लगाने के निर्देश दिए हैं। जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रण रविंद्र सिंह अपनी टीम के साथ औचक निरीक्षण कर दुकानों में रेट की चेकिंग कर कार्रवाई करते हैं।
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