मंडी। हिमाचल सांस्कृतिक शोध संस्थान एवं नाट्य रंगमंडल के सौजन्य से अकादमी परिसर सतोहल (कोटली) में नाट्य समारोह के पहले दिन मशहूर लेखिका अमृता प्रीतम की कहानी शाह री कंजरी पर आधारित नाटक का मंचन किया गया। संस्कृति मंत्रालय केंद्र सरकार के सहयोग से आयोजित इस नाट्य समारोह में नाटक देखने के लिए दर्शकों की भीड़ भी खूब उमड़ी। लोक संस्कृति पर आधारित इस नाटक का निर्देशन सीमा शर्मा ने किया। नाटक में सामाजिक मान्यता की तलाश को कलाकारों ने शानदार तरीके से दर्शकों के समक्ष रखा। कहानी शाह और कंजरी के आसपास घूमती। शाह शादीशुदा होने के बावजूद कंजरी के पास रहता है। लेकिन बेटे की शादी के चलते शाह घर चला आता है और सारी रस्मों को निभाता है। लेकिन हर पहल कंजरी के पास रहने वाला शाह इस शादी में कंजरी को शामिल नहीं करता। अपनी पहली पत्नी को ही वरियता देता है। हालांकि पहली पत्नी, कंजरी से कहती है कि तूने जिंदगी भर मेरी पति की कमाई खाई है, इस शुभ अवसर पर भी सौगात का हक तेरा बनता है। नाटक में जहां नाजायज संबंधों के दुख अंत का संदेश दिया गया है वहीं रिश्तों के मायने भी बताए गए हैं। नाटक में जय कुमार ने शाह की भूमिका निभाई। ललिता ने कंजरी की भूमिका अदा कर अपने अभिनय की छाप छोड़ी।
नाटक में लोक गायिका रूपेश्वरी शर्मा और पूजा चक्रवर्ती ने मंडयाली लोकगीतों सेहरे, होली और छिंज का भरपूर इस्तेमाल किया है। शहनाई में प्रसिद्ध सूरजमणी, तबले और ढोलक पर दीपक मट्टू तथा हारमोनियम पर कुलदीप ने साथ दिया। दूसरा नाटक मैकबैथ का मंचन किया समारोह में किया जाएगा। इसका निर्देशन दक्षा शर्मा करेंगी। इसमें मुख्य पात्रों में राहुल त्यागी, वीरेंद्र, रोहित आर्य, ऋ षभ, अमित चौहान, भावेश, आदित्य और रविंद्र ने नाटक में अभिनय करेंगे। सीमा शर्मा और राहुल त्यागी मैकबैथ और लेर्जमैकबैथ की भूमिका अदा करेंगे।