मंडी। एक तरफ बीएसएनएल उपभोक्ताआें के लिए ठप पड़े टेलीफोन सिरदर्द बन रहे हैं, वहीं दूसरी ओर निगम खुद इसके पीछे के कारण से बेहद परेशान है। उपभोक्ताओं के टेलीफोन डेड होने का कारण केबल चोर गिरोह की सक्रियता है। उनकी हरकत के आगे उपभोक्ताओं की समस्या का समाधान करने में निगम भी लाचार है। आलम यह है कि उपभोक्ताआें के लैंडलाइन महीनों से खामोश हैं। बीएसएनएल की त्रैंबली एक्सचेंज के अंतर्गत तीन गांवों त्रैंबली, बासाधार तथा भनवाड़ में उपभोक्ता बड़ी परेशानी से गुजर रहे हैं। यहां करीब चार दर्जन उपभोक्ता निगम की बंद पड़ी सेवा से मुश्किल में हैं। उपभोक्ताआें के टेलीफोन बीते तीन माह से शोपीस बने हुए हैं, लेकिन निगम के आलाधिकारी उपभोक्ताओं की समस्या का समाधान नहीं कर पाए हैं। इसका कारण केबल चोर गिरोह की सक्रियता और निगम के पास केबल का न होना है। इन तीनों गांवों के लिए बिछाई गई केबल को चोर दो बार उड़ा ले गए हैं। उपभोक्ताओं को बिल तो आ रहा है, लेकिन वे इस सेवा के लाभ से वंचित हैं। दो बार केबल चोरी हो जाने पर निगम अधिकारियों की भी समस्याएं बढ़ गई हैं। उपभोक्ताओं दुनी चंद, लेखराज, गोपाल चंद, जितेंद्र, राम लाल, प्रेम सिंह, कुर्म देव, प्रीतम, हुक्म चंद, किशन, दीना नाथ, दौलत राम, चिंत राम व मनोज कुमार आदि का कहना है कि उनके लैंडलाइन फोन पिछले तीन माह से डेड पड़े हैं। निगम अधिकारियाें को बार-बार अवगत करवाया गया है, लेकिन सेवा बहाल नहीं हो पाई है। उपभोक्ताआें ने सेवा दुरुस्त करने की गुहार लगाई है।
इधर, इस बारे में निगम की ओर से एसडीओ विपिन ने बताया कि केबल दो बार चोरी हुई है। इससे परेशानी पेश आ रही है। फिलहाल निगम के पास केबल नहीं है। उपभोक्ताओं की समस्या ध्यान में है। समस्याआें को हल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।