सुंदरनगर (मंडी)। प्रदेश सरकार द्वारा सालाना एक करोड़ से ज्यादा का कारोबार करने वाले को आफ लाइन रिटर्न दाखिल करने का समय देने और छोटे व्यापारियों को डीम्ड असेसमेंट के दायरे में डालने का व्यापार मंडल महादेव के प्रधान और भाजपा प्रदेश व्यापार प्रकोष्ठ के सदस्य राजकुमार ने स्वागत किया है। सरकार से मांग की है कि इनपुट टैक्स को सेल पर न लेकर खरीद पर ही लें।
उन्होंने सरकार द्वारा 2007 में किए गए वैट संशोधन, जिसके अनुसार व्यापारी को इनपुट क्रेडिट सिर्फ सेल पर ही देय कर दिया गया, जबकि यह पहले खरीद पर था। इस कारण छोटे व्यापारियों की समस्याएं बढ़ गई है। क्योंकि छोटा व्यापारी हिमाचल से ही माल खरीदता है तथा उसका सारा माल एक बार में बिकता नहीं है। स्टाक में रहने वाले माल का भी उसे टैक्स देना पड़ रहा है। छोटा व्यापारी दोहरी मार झेल रहा है तथा उसका मूलधन वैट देने में ही समाप्त हो रहा है।
दूसरी ओर सरकार ने 2009 में एक बार फिर से वैट में संशोधन कर नया कानून बना दिया है, जिसके अनुसार अगर व्यापारी के लेखा जोखा में थोड़ी सी भी गलती पाई गई तो उस पर 200 प्रतिशत जुर्माना लगाया जा रहा है, जो सरासर गलत है।व्यापारियों को न तो परेशानी का सामना करना पड़े और न ही टैक्स देने में कोई झंझट उठाना पड़े। उन्होंने वैट प्रणाली को सरलीकरण करने की भी मांग की है। इससे विस चुनाव में सभी व्यापारी खुले मन से धूमल सरकार को समर्थन देकर दोबारा सत्ता में लाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकें।