मंडी। जिले में गत वर्ष में 5.22 हेक्टेयर भूमि पर 205 पाली हाउस का निर्माण किया गया है । वहीं राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत जैविक खेती को बढ़ावा देने एवं महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए भी राशि उपलब्ध करवायी गई है। प्रत्येक घर में जैविक खेती के लिए इस वर्ष 3750 वर्मी कंपोस्ट पिट का निर्माण किया गया है। जबकि महिला सशक्तिकरण के तहत 145 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है ।
पिछले वर्ष के दौरान इस योजना के अंतर्गत 506 लाख रुपए व्यय किए हैं । पंडित दीनदयाल किसान बागवान समृद्धि योजना के अंतर्गत मंडी जिला में 15.65 हेक्टेयर भूमि पर हरित गृह का निर्माण का लक्ष्य रखा है । योजना के दूसरे चरण में वर्षा जल के सही उपयोग एवं सिंचाई सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए सभी वर्ग के कृषकों को 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है । मैक्रो मैनेजमेंट योजना के तहत कृषि सामग्री जैसे बीज, कृषि उपकरण एवं कीटनाशक पर 25 प्रतिशत अनुदान के अलावा क्षेत्र प्रदर्शन कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम, कृषक भ्रमण कार्यक्रम, जैविक खेती एवं महिला सशक्तिकरण जैसे कार्यक्रमों को शामिल किया गया है । इस योजना में 167 लाख रुपए व्यय किए गए ।
उपायुक्त मंडी देवेश कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय जलागम विकास योजना के तहत जिला मंडी के विभिन्न विकास खंडों में 9 जलागम परियोजनाएं कार्य कर रहीं हैं । इस योजना में वर्षा के पानी का संग्रहण, मृदा अपरदन को रोकना, जैव पदार्थ उत्पादन को बढ़ावा देना, भूमि, जल, पौधे, पशु, मानव संसाधनों का संरक्षण एवं पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना है । गत वर्ष में इस योजना में 77.15 लाख रुपए व्यय किए गए ।